नई दिल्ली । चौतरफा महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को सरसों तेल के दाम फिर से परेशान कर रहे हैं. 15 दिन पहले सरसों तेल की कीमतों में गिरावट से आमजन राहत की सांस लें रहा था लेकिन अब एक बार फिर से कीमत में उछाल देखने को मिल रहा है.
बाजार विशेषज्ञों ने बताया कि सरसों की नई फसल आने तक भाव ऊपर-नीचे होने का सिलसिला चलता रहेगा. सोयाबीन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मांग अधिक होना व बाहर से आने वाले कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि इसका प्रमुख कारण है.
इतना बढ़ा मूल्य
बीते 15 दिनों के अंदर यदि तेल कीमतों पर नजर डाली जाए तो 20 जनवरी से पहले जो बैल कोल्हू ब्रांड सरसों तेल 163 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था, उसका भाव बढ़कर 168 रुपए प्रति लीटर हो गया है. इसी तरह फॉर्चून सरसों तेल का भाव 165 रुपए से बढ़कर 170 रुपए प्रति लीटर हो गया है. सोयाबीन तेल की कीमत भी 134 रुपए से बढ़कर 140 रुपए प्रति लीटर हो गई है.
जारी रहेगी तेजी
कंपनियों को सरसों की उपलब्धता कम होने की वजह से सरसों तेल की कीमत में उछाल देखने को मिल रहा है. इसके अलावा शादी-विवाह की वजह से आपूर्ति के साक्षेप मांग अधिक होना भी मूल्य वृद्धि का कारण है. इस बार फिर सरसों की पैदावार अच्छी हुई है. ऐसे में माह भीतर भाव में गिरावट होने की उम्मीद जताई जा रही है. फिलहाल सरसों तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा लेकिन सोयाबीन तेल की कीमतों में तेजी बरकरार रहेगी.
