राजौरी के परघल हमलें में हरियाणा के दो जवान शहीद, बहन कर रही थी राखी बांधने का इंतजार

हिसार | एक तरफ पूरा देश रक्षाबंधन और आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर से आई दो जवानों की शहादत ने माहौल गमगीन बना दिया. जम्मू कश्मीर में हुएं आतंकवादी हमले में हरियाणा का एक और जवान शहीद हो गया है. जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में हुए इस हमले में शहीद हुए जवानों की संख्या बढ़कर चार हो गई है. इस आतंकवादी हमले में हरियाणा के हिसार जिलें के गांव डंढेरी के रहने वाले 21 वर्षीय निशांत मलिक भी शहीद हुए हैं. निशांत के शहीद होने की सूचना मिलते ही पूरा गांव गमगीन हो गया है.

Nishant Malik Sahid

बता दें कि जम्मू कश्मीर के राजौरी के परघल के पास वीरवार सुबह-सुबह कुछ आतंकियों ने खराब मौसम और घने पत्तों का फायदा उठाते हुए आर्मी कैंप में घुसने की कोशिश की थी. इस दौरान दोनों ओर से गोलियां चलनी शुरू हो गई. सैनिकों ने दो आतंकवादियों को चुनौती देते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी. इसके बाद दोनों पक्षों में मुठभेड़ शुरू हो गई जिसमें दो आतंकवादी मारे गए. जबकि तीन जवान शहीद हो गए.

बहन कर रही थी राखी बांधने का इंतजार

आतंकियों के हमलें में शहीद हुए निशांत मलिक तीन बहनों का इकलौता भाई था. रक्षाबंधन वाले दिन जब बहनों ने अपने भाई को फोन किया तो उसका फोन किसी ने नहीं उठाया. शाम को बेटे के शहीद होने की सूचना पिता के पास पहुंची तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. घर पर सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है.

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शनिवार को होगा अंतिम संस्कार

शहीद निशांत मलिक का पार्थिव शव जम्मू कश्मीर से दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया जाएगा. वहां सेना के उच्च अधिकारी उनके पार्थिव शव को सलामी देंगे. इसके बाद देर रात तक शहीद निशांत मलिक का पार्थिव शव हांसी पहुंचेगा और शनिवार को सुबह उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव डंढेरी में किया जाएगा.

राजौरी में हुए इस आतंकवादी हमले में चार जवान शहीद हुए हैं. इनमें से दो हरियाणा से और एक- एक जवान तमिलनाडु व राजस्थान से है. हरियाणा के हिसार जिलें के निशांत मलिक के अलावा फरीदाबाद के रहने वाले मनोज भाटी भी इस आतंकवादी हमले में शहीद हुए हैं.

10 महीने पहले हुई थी शादी

इस आतंकवादी हमले में शहीद हुए फरीदाबाद के शाहजहांपुर निवासी मनोज भाटी की उम्र भी महज 26 साल थी. रक्षाबंधन के दिन जैसे ही बेटे के शहीद होने की सूचना परिवार को मिली तो परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. घर पर सभी सदस्यों की आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. बता दें कि मनोज भाटी की शादी हुएं मात्र 10 महीने ही हुए थे.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.