द्वारका एक्सप्रेस-वे से दिल्ली में सफ़र करना होगा महंगा, लोगो को देना पड़ेगा टोल टैक्स

गुरुग्राम | द्वारका एक्सप्रेस-वे पर टोल प्लाजा बनाने के फैसले ने आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को चिंता में डाल दिया है. अब दिल्ली में एंट्री करने के लिए इन लोगों को टोल टैक्स का भुगतान करना होगा वरना टोल से बचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी. इन लोगों को दिल्ली में प्रवेश करने के लिए दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे का सहारा लेना पड़ेगा यानि दोनों ही स्थितियों में जेब पर बोझ पड़ेगा.

Express Way

बता दें कि खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक से लेकर दिल्ली में महिपालपुर के नजदीक शिवमूर्ति के सामने तक द्वारका एक्सप्रेस-वे बन रहा है. यहां गुरुग्राम से सटे दिल्ली क्षेत्र में टोल प्लाजा बनाने की तैयारियां हो रही है और गुरुग्राम इलाके में द्वारका एक्सप्रेस-वे के आसपास सेक्टर-81 से लेकर सेक्टर-115 तक इसे विकसित किया जा रहा है.

एक अनुमान के अनुसार, आसपास के गांवों की आबादी से लेकर इन सेक्टरों में रहने वाली आबादी की संख्या का आंकड़ा करीब ढाई लाख है. वर्तमान में यहां के निवासी दिल्ली में प्रवेश करने के लिए दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे का ही इस्तेमाल करते हैं. हालांकि द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू होने पर यहां रहने वाले स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की थी लेकिन अब पिछले कुछ समय से ये लोग परेशान नजर आ रहे हैं.

खुशी इस बात की थी कि द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा होने पर दिल्ली प्रवेश करने में 10 से 15 मिनट लगेंगे. हालांकि लोगों का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे पर टोल नहीं बनना चाहिए क्योंकि इससे दिल्ली और गुरुग्राम के लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी और उन्हें आपस में मिलने- जुलने के लिए भी टोल का भुगतान करना पड़ेगा. इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी छोटे- मोटे कार्यों के लिए दिल्ली जाना पड़ता हैं और जितनी बार जाएंगे, उतनी ही बार टोल टैक्स भुगतना होगा.

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औद्योगिक विकास को करेगा प्रभावित

दौलताबाद रोड़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन जिंदल ने कहा कि जब तक दिल्ली- एनसीआर को एक यूनिट नहीं माना जाएगा , तब तक बात नहीं बनेगी. इससे विकास कार्य प्रभावित होंगे. खेड़कीदौला टोल प्लाजा की वजह से औद्योगिक विकास कितना प्रभावित हो रहा है, यह सभी को अच्छी तरह से मालूम है. द्वारका एक्सप्रेस-वे पर टोल प्लाजा बनने से लोगों की मुश्किलों में इजाफा होगा. ऐसे में दिल्ली- एनसीआर को टोल प्लाजा से मुक्त किया जाना चाहिए.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.