अंबाला | हरियाणा के अंबाला जिले में मां काली का एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां हर मुराद पूरी होने की मान्यता है. इन दिनों गुप्त नवरात्रों का पर्व चल रहा है, जो 4 जुलाई तक मनाया जाएगा. इस दौरान देवी पार्वती की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है. यहां एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है. इस मंदिर में भोग के रूप में शराब चढ़ाई जाती है और इसका मुख्य द्वार शमशान की ओर खुलता है.
अंग्रेजों ने लगाई थी परंपरा पर रोक
माना जाता है कि यह मंदिर अंग्रेजों के जमाने से भी पुराना है. जब अंग्रेज भारत आए थे, तब उन्होंने यहां शराब चढ़ाने की परंपरा पर रोक लगा दी थी. उनके जाने के बाद यह परंपरा फिर से शुरू हो गई. देश में मां काली के कई मंदिर हैं, लेकिन यह इकलौता ऐसा मंदिर है, जिसका मुख्य द्वार श्मशान की तरफ खुलता है. यहां भैरव काली माता के साथ ही भगवान महादेव और श्री हनुमान जी के भी मंदिर स्थित हैं.
40 दिन पूजा करने से होती है मुराद पूरी
शहर के बीचों- बीच शुकुल कुंड रोड पर स्थित इस मंदिर की देखरेख एक बुजुर्ग पुजारी और उनका बेटा करते हैं. पुजारी ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना बाबा जी ने की थी और इसे बाबा का डेरा भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भक्त लगातार 40 दिन यहां दर्शन करता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है. यहां भोग के रूप में शराब चढ़ाने की परंपरा आज भी जारी है. भैरव काली माता मंदिर के साथ हनुमान जी और महादेव के मंदिर भी स्थापित किए गए हैं.
