नई दिल्ली, Career Tips | अगर आप 10वीं कक्षा के बाद स्कूल बदलने का विचार कर रही है तो आपको कुछ फॉर्मेलिटीज को पूरा करना होगा. 10वीं बोर्ड रिजल्ट सिर्फ मार्कशीट नहीं, बल्कि स्टूडेंट लाइफ का वह ‘गेटवे’ है, जहां से करियर की दिशा निर्धारित होती है. यहां से आप अपने लिए बेस्ट करियर ऑप्शन के लिए स्ट्रीम सिलेक्ट करते हैं.

अच्छी स्ट्रीम की तलाश, बड़े शहरों की कोचिंग सुविधाओं का लालच या परिवार के ट्रांसफर की वजह से पुराना स्कूल छोड़ना पड़ता है. यह बदलाव प्रशासनिक रूप से काफी चुनौतीभरा हो जाता है.
नए स्कूल में जाना चुनौती भरा
नए स्कूल में जाना काफी चैलेंजिंग होता है. यह नई यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल जाने जितना आसान नहीं होता. स्कूल बदलने की प्रोसेस में असली पेच ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), माइग्रेशन और काउंटर-सिग्नेचर आदि में फंसता है. आज के डिजिटल दौर में भी कई स्कूल पुराने रिकॉर्ड और फिजिकल वेरिफिकेशन पर ही काम करते हैं. यदि आप एक राज्य से दूसरे राज्य या एक बोर्ड से दूसरे बोर्ड (जैसे स्टेट बोर्ड से सीबीएसई) में शिफ्ट करते हैं तो नियम और भी पेचीदा हो जाते है.
समय रहते बना लें नए स्कूलों की लिस्ट
सही समय पर पुराने स्कूल से ‘No Dues’ सर्टिफिकेट लेना और माइग्रेशन के लिए अप्लाई करना एडमिशन प्रक्रिया को तनाव मुक्त बना सकता है. अगर आप स्कूल बदलने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको समय रहते अन्य स्कूलों की लिस्ट बना लेनी चाहिए जहां आप एडमिशन लेने के बारे में सोच रहे हैं. 10वीं बोर्ड रिजल्ट आने से पहले ही आपको उन स्कूलों की लिस्ट बना लेनी चाहिए, जहां आप 11वीं में एडमिशन लेना चाहते है. 10वीं बोर्ड रिजल्ट 2026 आने के तुरंत बाद ‘ट्रांसफर सर्टिफिकेट’ (TC) के लिए अप्लाई करना सबसे पहला कदम होता है.
स्कूल के प्रिंसिपल को लिखे एप्लीकेशन
ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने के लिए आपको पुराने स्कूल के प्रिंसिपल के नाम एक प्रार्थना पत्र लिखना होगा. इसमें अपना रोल नंबर, कक्षा और स्कूल छोड़ने का स्पष्ट कारण लिखकर देना होगा. यह अवश्य सुनिश्चित करें कि आपने स्कूल की सभी फीस जमा कर दी है और लाइब्रेरी या लैब का कोई सामान बकाया नहीं है. हो सकता है कि कंप्यूटर लैब, आईटी, लाइब्रेरी या क्लब आदि से नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी लेना पड़ जाए. इसके बाद ही, स्कूल आपको ट्रांसफर सर्टिफिकेट देगा.