चंडीगढ़ | हरियाणा के उन व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को पुराने टैक्स मामलों को निपटाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, जो एकमुश्त निपटान योजना का लाभ अभी तक नहीं उठा पाए थे. आबकारी एवं कराधान विभाग ने योजना की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ाई है. इससे पात्र करदाताओं को पुराने बकाये के निपटारे के लिए 2 महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा.
पहले इसकी समयसीमा सितंबर के आखिर तक थी. बड़ी संख्या में पात्र करदाता इसका लाभ नहीं ले पाए, जिसके बाद अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है.
बकाया वालों को राहत
योजना में छोटे बकायेदारों के लिए विशेष प्रावधान रखा गया है. किसी एक असेसमेंट वर्ष में कुल बकाया राशि एक लाख रुपये तक होने पर टैक्स के साथ ब्याज और पेनल्टी में 100 प्रतिशत राहत का प्रावधान है. ऐसे मामलों में संबंधित करदाता को अलग से आवेदन करने की जरूरत भी नहीं होगी. निर्धारित शर्तों के तहत बकाया स्वतः माफ माना जाएगा.
1 लाख रुपये से अधिक बकाया वाले पात्र व्यापारी और अन्य करदाता भी योजना के तहत निर्धारित छूट का लाभ ले सकते हैं. इसके लिए उन्हें आबकारी एवं कराधान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा.
कानूनों के मामले शामिल
एकमुश्त निपटान योजना मुख्य रूप से GST व्यवस्था लागू होने से पहले के टैक्स मामलों के लिए है. इसमें हरियाणा वैट कानून, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम और हरियाणा सामान्य बिक्री कर कानून से जुड़े पुराने बकाया मामले शामिल किए गए हैं. मनोरंजन शुल्क, विलासिता कर, स्थानीय क्षेत्र विकास कर और एंट्री टैक्स से संबंधित पुराने मामलों का निपटारा भी योजना के तहत किया जा सकता है.
नई समयसीमा के बाद पात्र व्यापारियों और उद्यमियों के पास अब 30 नवंबर तक पुराने टैक्स मामलों के निपटारे का अवसर रहेगा. ऑनलाइन आवेदन करने वाले करदाताओं को अपने मामले के अनुसार योजना की पात्रता और निर्धारित शर्तों को ध्यान में रखना होगा.
