चंडीगढ़ | अमेरिकी सेना के एक विमान ने 5 फरवरी को 104 भारतीयों को स्वदेश लौटाया, जिनमें से 33 हरियाणा के रहने वाले हैं. इनमें सबसे अधिक 14 युवा कुरुक्षेत्र जिले से हैं, जबकि कैथल, पानीपत और फतेहाबाद सहित अन्य जिलों के युवा भी शामिल हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन युवाओं को कैदियों की तरह हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर भारत भेजा गया, जिससे उनके परिवार और गांव के लोग बेहद आहत हुए.
परिवारों पर टूटा आर्थिक संकट
इन युवाओं को विदेश भेजने के लिए उनके माता-पिता पहले ही लाखों रुपए कर्ज ले चुके थे. अब जब वे बिना कुछ कमाए वापस लौट आए हैं, तो उनके सामने रोजगार और कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है. कई परिवारों ने अपनी जमीन तक बेच दी थी, लेकिन अब वे न सिर्फ आर्थिक रूप से बर्बाद हो गए हैं, बल्कि अपने बच्चों के अपमानजनक तरीके से लौटने से मानसिक रूप से भी टूट चुके हैं.
12 दिन पहले ही अमेरिका पहुंचा था रॉबिन
कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद के रहने वाले मनजीत सिंह के बेटे रॉबिन को अमेरिका भेजने के लिए उनके पिता ने 45 लाख रुपए कर्ज लिया था. तमाम मुश्किलों के बाद 12 दिन पहले ही रॉबिन अमेरिका पहुंचा था, लेकिन अब उसे बेड़ियों में बांधकर अपमानजनक तरीके से वापस भेज दिया गया.
फतेहाबाद के गगनप्रीत की भी टूटी उम्मीदें
फतेहाबाद के गांव दिगोह के गगनप्रीत ने अपने और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए सितंबर 2022 में स्टूडेंट वीजा पर इंग्लैंड का रुख किया. इसके बाद 17 दिसंबर को अमेरिका जाने के लिए डंकी लगाई और 23 जनवरी को अमेरिका पहुंच गए. उनके पिता ने ढाई एकड़ जमीन बेचकर उन्हें विदेश भेजा था, लेकिन अब उन्हें भी खाली हाथ भारत लौटना पड़ा.
सतबीर की पांच साल की मेहनत गई बेकार
करनाल के मुनक के जानी गांव के सतबीर ने पांच साल पहले अपने हिस्से की जमीन बेचकर एक एजेंट के माध्यम से विदेश जाने का फैसला किया था. उन्होंने कई देशों का सफर किया और कई सालों तक संघर्ष के बाद हाल ही में अमेरिका पहुंचे थे. मगर सिर्फ चार दिन बाद ही उन्हें पकड़कर वापस भेज दिया गया.
कैथल के अमन और साहिल भी टूटे अरमान
अमेरिका से लौटने वालों में कैथल के अमन और साहिल भी शामिल हैं. अमन को विदेश भेजने के लिए उनके परिवार ने 35 लाख रुपए का कर्ज लिया था, जबकि साहिल के पिता ने 40 लाख रुपए कर्ज लेकर उसे अमेरिका भेजा था. साहिल को अमेरिका में हिरासत में रखा गया था और अब उसे भी वापस भारत भेज दिया गया है.
