चंडीगढ़ | न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गारंटी कानून सहित कई अन्य मांगों को लेकर पंजाब- हरियाणा के शंभू और खनौरी बार्डर पर पिछले एक साल से ज्यादा समय से आंदोलनरत किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार की टीम खनौरी बार्डर पहुंची है, जहां उन्होंने 50 दिन से ज्यादा समय से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की. उन्हें केंद्र सरकार के प्रस्ताव से अवगत कराया.

14 फरवरी को बुलाई बैठक
शंभू बार्डर और खनौरी बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत को लेकर केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है. इस संबंध में किसानों और केंद्र सरकार के बीच 14 फरवरी को चंडीगढ़ के सेक्टर- 26 स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट में शाम 5 बजे बैठक बुलाई गई है. केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव में लिखा गया है कि हम आशा करते हैं कि श्री जगजीत सिंह डल्लेवाल जल्द ही अपना अनशन खत्म करेंगे और स्वस्थ होकर बातचीत के लिए बैठक में शामिल होंगे.
किसानों की मांगों पर चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार की टीम शनिवार को खनौरी बॉर्डर पर पहुंची. इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (BKU) सिद्धूपुर के नेता काका सिंह कोटड़ा और अभिमन्यु कोहाड़ की उपस्थिति में टीम ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की. केंद्र सरकार की टीम ने उनके स्वास्थ्य का कुशलक्षेम पूछा.
किसानों की मांगे पूरी होने के आसार
केंद्र सरकार की टीम किसान नेताओं के पास सरकार का प्रस्ताव लेकर पहुंची. इस बैठक में किसानों की मांगों पर विचार- विमर्श चला. प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर चिंतित है. उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय अधिकारियों ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. अब चर्चा है कि वह मेडिकल सुविधा ले सकते हैं. हालांकि, किसी किसान नेता ने इसकी पुष्टि नहीं की है.