बेरोजगारी दर में सबसे उपर हरियाणा, 25 लाख युवा बेरोजगार

चंडीगढ़ । देश में बेरोजगारी के आंकड़े बताने वाली निजी संस्था सेंट्रल फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार हरियाणा बेरोजगारी में सबसे ऊपर है. इस बारे में जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा की CMIE द्वारा जारी किए गए आंकड़े झूठ है और तो और उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह संस्था पर केस भी करेंगे. वहीं दूसरी ओर यूपी चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ सेंट्रल फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के जारी किए गए आंकड़ों पर वोट बैंक इकट्ठा करने में लगे हुए हैं जिसके अनुसार यूपी में बेरोजगारी कम हुई है.

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CMIE के ताज़ा आंकड़े अगर देखे जाएं तो हरियाणा में बेरोजगारी की स्थिति का अनुमान आसानी से लगाया जा सकेगा. इसके जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या लगभग 25 लाख तक पहुंच गई है जिनमें करीब 19 लाख युवा 20 से 25 वर्ष तक के हैं. 6.02 लाख युवा ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं,18.24 लाख युवा दसवीं या 12वीं पास हैं वहीं 7.14 लाख युवा हताशा से अब रोजगार की तलाश भी छोड़ चुके हैं.महिलाओं में बेरोजगारी की संख्या 68.8 लाख है.
सरकार का कहना है कि रोजगार पोर्टल के अनुसार राज्य में बेरोजगार युवाओं की संख्या केवल 4.10 लाख ही है.

हरियाणा में हजारों पदों की भर्ती प्रक्रिया जानबूझकर सालों तक लंबित रखी गई और दूसरे हजारों पदों की भर्ती प्रक्रिया सालों बाद रद्द कल दी गई. साल 2006 में भर्ती 816 आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापकों को 2015 में यानी लगभग 10 साल बाद निकाल दिया गया हालांकि बाद में सरकार ने कोई हल निकालने का आश्वासन दिया था मगर कोई कदम नहीं उठाया. इसके अलावा 1983 PTI अध्यापक 10 साल काम करने के बाद सड़कों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं जिस पर भी सरकार ने जॉब सिक्योर करने का आश्वासन देकर कोई कदम नहीं उठाया. ग्रुप डी के भर्ती किए गए 1518 सपोर्टस् पर्सन श्रेणी के युवाओं को पहले भर्ती किया गया और बाद में अयोग्य करार कर दिया गया.

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2019 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा सरकार ने 5000 पुरुष कांस्टेबल और 1000 महिला कॉन्स्टेबल की भर्ती निकाली और फिर 18 महीने तक कोई कार्यवाही नहीं की और फिर नई भर्ती निकालने के नाम पर उसे वापस ले लिया गया. जनवरी 2019 में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में कैश फॉर जॉब घोटाला सामने आया. इसके अलावा पिछले 7 सालों में हरियाणा में 35 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं जिसमें STET परीक्षा,क्लर्क परीक्षा HCS Judicial परीक्षा कंडक्टर परीक्षा, पटवारी परीक्षा नायब तहसीलदार परीक्षा और आईटीआई इंस्पेक्टर परीक्षा बिजली बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ अनेकों परीक्षाओं के पेपर थे पर किसी को आज तक सजा नहीं मिली. हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार देने की ओर बहुत सक्रिय नहीं है जो बहुत बड़ी चिंता का विषय है.

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