चंडीगढ़ | हरियाणा शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) अब विभाग और कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. तकनीकी खामियों, प्रशासनिक सुस्ती और विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते प्रदेश के सैकड़ों प्राध्यापक और लिपिक अपनी जायज सुविधाओं से वंचित हैं. साल 2023 में TGT से PGT पद पर पदोन्नत हुए कई शिक्षकों का रिकॉर्ड आज भी HRMS पोर्टल पर पुराने पद और प्राथमिक शिक्षा विभाग में दर्ज है. शिक्षक तीन साल से PGT के पद पर काम कर रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर उन्हें प्राथमिक शिक्षा विभाग का कर्मचारी दिखाया जा रहा है.

इसी तरह प्राथमिक से माध्यमिक विभाग में स्थानांतरित हुए लिपिकों का रिकॉर्ड भी अपडेट नहीं हुआ है. इसके चलते ACP, CCA, ACR, वेतन निर्धारण, वरिष्ठता और ऑनलाइन ट्रांसफर जैसी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं.
HRMS पोर्टल पर नहीं बदला रिकॉर्ड
2023 में बड़े पैमाने पर TGT शिक्षकों को PGT के पद पर पदोन्नत कर नए स्कूलों में तैनाती दी गई थी. शिक्षकों ने नए पद पर कार्यभार संभाल लिया और उसी के अनुसार अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं. इसके बावजूद HRMS में उनका पुराना रिकॉर्ड ही दिखाई दे रहा है. लिपिकों के मामले में भी यही स्थिति है. विभागीय स्थानांतरण के बाद रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से पोर्टल उन्हें माध्यमिक विभाग के बजाय प्राथमिक विभाग का कर्मचारी मान रहा है. गलत रिकॉर्ड के कारण पिछले करीब चार महीनों से कई कर्मचारियों के वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ अटके हुए हैं.
स्कूल से निदेशालय तक लगा रहे चक्कर
कर्मचारियों के मुताबिक, HRMS में रिकॉर्ड सुधारने का अधिकार स्कूल स्तर पर नहीं है. ऐसे में आवेदन पहले BEO, फिर DEO और उसके बाद पंचकूला स्थित शिक्षा निदेशालय तक भेजे जाते हैं. कई कर्मचारी महीनों से ब्लॉक कार्यालय, जिला शिक्षा कार्यालय और चंडीगढ़ के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं. समस्या तब और बढ़ जाती है जब कर्मचारी निदेशालय पहुंचते हैं. उन्हें NIC के पास भेज दिया जाता है. दूसरी ओर NIC अधिकारियों का कहना है कि जब तक निदेशालय प्रभावित कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड और आधिकारिक निर्देश नहीं भेजता, तब तक पोर्टल में बदलाव संभव नहीं है. इस तरह विभाग और NIC के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है.
HRMS हेल्पडेस्क पर लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं. अधिकारियों की ओर से पत्राचार भी किया गया है लेकिन तकनीकी टीम की तरफ से ठोस समाधान नहीं हो रहा. कई मामले महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच चुके हैं, फिर भी रिकॉर्ड सुधारने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है.
ACP और अन्य सेवा लाभ अटके
रिकॉर्ड में गलत विभाग और पद दर्ज होने के कारण कर्मचारियों की ACP, CCA, ACR, वेतन निर्धारण, वरिष्ठता और ऑनलाइन ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित हैं. सभी जरूरी शर्तें पूरी करने के बावजूद केवल पोर्टल की तकनीकी खामी के कारण उन्हें अपने वित्तीय और सेवा लाभ नहीं मिल पा रहे हैं.
मामले में कहा कि आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने पोर्टल की कमियों को दूर करने की समय सीमा, लंबित मामलों के निपटारे की तारीख या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी- जितेंद्र दहिया, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा विभाग