हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर मंडियां निर्धारित, उठान में देरी पर 5 हजार रूपए जुर्माना

चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने के लिए सूबे की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश में मंडियां व खरीद केंद्र निर्धारित कर दिए हैं. सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 417 मंडियां व खरीद केंद्र निर्धारित किए हैं.

FotoJet 97 compressed

मंडियों में समय पर करना होगा उठान

प्रदेश सरकार ने इसके साथ ही मंडी लेबर कान्ट्रेक्टर व मंडी ट्रांसपोर्ट कान्ट्रेक्टर पालिसी भी जारी कर दी है. इस पालिसी में कई बदलाव किए गए हैं. निदेशालय खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी की गई नई पालिसी के तहत इस बार मंडियों से गेहूं की लिफ्टिंग का टेंडर लेने वाले ठेकेदार के पास 30 प्रतिशत ट्रक खुद के होने अनिवार्य किए गए हैं.

उठान में देरी पर 5 हजार रूपए जुर्माना

यही नहीं, समय पर लिफ्टिंग नहीं होने पर लगने वाली जुर्माना राशि भी प्रति ट्रक 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दी गई है. लिफ्टिंग का टेंडर लेने वाली फर्म यदि खरीद के 48 घंटे बाद भी उठान नहीं करती, तो प्रति ट्रक 5 हजार रुपये जुर्माना लगेगा. एक लिफ्टिंग एजेंसी एक जिले में तीन से अधिक मंडियों से गेहूं उठान का टेंडर नहीं ले सकती है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा में अब प्राइवेट बसों में भी मान्य होंगे फ्री पास, रोडवेज बसों की तरह ही देना होगा मुफ्त यात्रा का लाभ

यह रहेगा MSP

केंद्र सरकार ने साल 2025- 26 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले साल की तुलना में 150 रूपए ज्यादा है. पिछले साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,275 रूपए प्रति क्विंटल था.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.