चंडीगढ़ | पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ से बिजली के निजीकरण के लोगों को महंगाई का जोरदार झटका लगा है. यहां 1 नवंबर यानि कल से बिजली की दरों में बढ़ोतरी हो जाएगी. यानि महंगाई का सीधा असर ढाई लाख बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
5 साल तक हर साल बढ़ेगी दरें
चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) की ओर से बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था. मिली जानकारी के अनुसार, संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (JERC) ने अगले 5 वित्तीय वर्षों (2025-26 से 2029-30) तक बिजली दरों में हर साल बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान कर दी है. यानि चंडीगढ़ की जनता को हर साल बिजली की बढ़ी हुई दरों से जूझना होगा.
ताजा दरों में बढ़ोतरी के बावजूद फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज में कोई वृद्धि नहीं की गई है. वर्तमान में 30 रुपए प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज हैं, लेकिन 2027- 28 में बढ़कर 40 रुपए प्रति किलोवाट हो जाएगा.
यह होगी नई दरें
बिजली दरों में बढ़ोतरी के बाद अब 1- 100 यूनिट तक 2.80 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान करना होगा. वहीं, 101- 200 यूनिट तक 3.75 रुपए प्रति यूनिट, 201- 300 यूनिट तक 4.80 रुपए प्रति यूनिट, 301- 400 यूनिट तक 5 रुपए प्रति यूनिट और 400 से ज्यादा यूनिट पर 5.40 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल जमा कराना होगा.
नई कमर्शियल बिजली दरों में अब 100 यूनिट तक 4.55 रुपए प्रति यूनिट, 101- 200 यूनिट पर 4.65 रुपए प्रति यूनिट और 200 से ज्यादा यूनिट खपत करने पर 5.55 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान करना होगा. थ्री फेज कनेक्शन के लिए 6.60 रुपए प्रति यूनिट की नई दर तय की गई है.
5 स्लैब में यूनिट्स का बंटवारा
CPDL ने स्लैब प्रणाली में भी बदलाव कर दिया हैं. निजी कंपनी ने इसी साल 1 फरवरी को कार्यभार संभालने के बाद स्लैब प्रणाली को तीन से बढ़ाकर 5 श्रेणियों में विभाजित कर दिया है. अब हर स्लैब में 100 यूनिट शामिल होंगी. पहले स्लैब 0- 150, 151- 400 और 400 से अधिक यूनिट के थे.
