चरखी दादरी | यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में हरियाणा की युवा प्रतिभा ने अपनी मेहनत की बदौलत सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं. इसी परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 599वीं रैंक हासिल कर अपने पैतृक गांव मांढी पहुंचे, जितेन्द्र कुमार का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया. ग्रामीणों ने ढोल- नगाड़ों और फूल- मालाओं से गांव के बेटे का स्वागत करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.
माता- पिता को सफलता का श्रेय
अभिनन्दन समारोह में अपने पैतृक गांव मांढी पहुंचे, जितेन्द्र कुमार ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता- पिता और गुरूजनों को दिया. उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि बच्चों पर माता- पिता को विश्वास करना होगा. कई बार एक प्रयास में सफलता नहीं मिलती है. ऐसे हालात में बच्चों पर भरोसा बनाए रखें और उन्हें आगे मौके देते रहे.
प्रज्ञा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भांडवा से कक्षा दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई करने वाले जितेन्द्र कुमार ने बताया कि इसके बाद उन्होंने NDA में दाखिला लिया. यहां भी शानदार परिणाम हासिल कर पूरे परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया था, लेकिन अंतिम सत्र में के चिकित्सकीय कारण के चलते बोर्ड आउट हो गए थे.
निरंतर प्रयास से मिलेगी सफलता
उन्होंने आगे बताया कि इस मुश्किल घड़ी में भी उन्होंने हौसला नहीं गंवाया, बल्कि और ज्यादा लगन और मेहनत से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से अपनी उच्च शिक्षा जारी रखते हुए स्वयं ही UPSC की तैयारी शुरू की और आज परिणाम सबके सामने है. वर्तमान में वह राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय में पीएचडी कर रहे हैं. उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों का बहाना बना कर सफलता की दौड़ से बाहर होने की बजाय निरंतर प्रयास करते रहेंगे तो एक दिन सफलता आपके कदम अवश्य चूमेगी.
