स्पेशल रिपोर्ट: हिसार में भयावह हुआ ब्लैक फंगस, आंखों के बाद दिमाग तक पहुंचा, 11 की मौत

हिसार | हरियाणा के हिसार में ब्लैक फंगस का कहर खतरनाक साबित होता जा रहा है. अभी तक आंखों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे थे लेकिन अब यह फंगस मनुष्य के दिमाग पर अटैक कर रहा है और उसे पूरी तरह खा रहा है. इसके कारण मौतें भी हों रही है.

Black fungus pic

फिलहाल आंकड़ों पर गौर किया जाए तो अकेले हिसार जिले में सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में 171 मरीज दाखिल हो चुके हैं जिनमें से 23 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें से 11 अकेले हिसार जिले से थे. इस बार गौर करने वाली बात यह है कि शहरी व्यक्तियों के मुकाबले ग्रामीणों में ब्लैक फंगस की शिक़ायत ज्यादा देखने को मिल रही है. इसकी वजह स्टेरॉइड और एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक मात्रा में सेवन है.

कोरोना काल के दौरान गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे या जानें अनजाने में स्टेरॉइड और एंटीबायोटिक दवाओं का हद से ज्यादा सेवन किया गया है. फिलहाल केसों की रिपोर्ट तैयार कर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजी जा रही है ताकि समय पर इंजेक्शन व दवाएं उपलब्ध हों सकें. वहीं ब्लैक फंगस के इंजेक्शन का किडनी पर इफेक्ट ज्यादा रहता है, इसलिए यह इंजेक्शन उन मरीजों को लगाया भी नहीं जा सकता जिनकी किडनी कमजोर हैं.

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बढ़ता जा रहा है मौत का आंकड़ा

अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में अब तक ब्लैक फंगस के 124 मरीज इलाज के लिए आएं हैं. 23 उपचाराधीन मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें से 80 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है जबकि 103 मरीज ऐसे हैं जो कोरोना संक्रमित हैं. 84 मरीज ऐसे हैं जिनको कोरोना संक्रमण के साथ-साथ शुगर की बीमारी भी है. फिलहाल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमित और संदिग्ध मरीजों को मिलाकर 81 मरीज उपचाराधीन है.

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दवाईयों के अभाव में दम तोड़ रहे हैं मरीज़

मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने बताया कि दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण हस्पताल में दाखिल मरीजों में भी फंगस संक्रमण फैलने का अधिक खतरा बढ़ता जा रहा है क्योंकि इन मरीजों को समय पर उपचार न मिलने से फंगस आगे भी फैलता जाएगा. फिलहाल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमण पर अंकुश लगाने वाली दवाइयां समाप्त हो चुकी है. डाक्टरों के मुताबिक ब्लैक फंगस से संक्रमित एक मरीज को एक दिन में 6 एम्फोटेरोसिन इंजेक्शन की डोज देनी पड़ती है. सरकार को एम्फोटेरोसिन इंजेक्शन समेत अन्य दवाओं को उपलब्ध करवाने के लिए लिखा जा चुका है, उम्मीद है कि जल्द ही समाधान हो जाएगा.

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