चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शीघ्र ही पढ़ाई का नजारा बदलने वाला है. अब प्राथमिक कक्षा में बैठा बच्चा जब “सर, आज क्या पढ़ाएंगे? पूछेगा तो जवाब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा. उसके सामने एक बड़ा सा स्मार्ट टीवी होगा, जिसमें विज्ञान के वीडियो, पाठ्यक्रम को कहानीनुमा बनाकर ऐनिमेशन और एनसीईआरटी का इंटरोऐक्टिव कंटेंट दिखाया जाएगा.
करीबन 7000 स्कूलों को नहीं मिली थी यह सुविधा
राज्य सरकार की तरफ से 5000 प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगाने की स्वीकृति दे दी गयी है. राज्य में अभी तक लगभग सात हजार स्कूल इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे. बड़े स्कूलों में डिजिटल स्क्रीन पहले से थी, मगर छोटे बच्चों तक यह सुविधा कम पहुंची थी. सरकार का लक्ष्य अब इस डिजिटल गैप को पूर्ण रूप से समाप्त करना है. सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई एचपीपीसी की बैठक में लगभग 3300 करोड़ रुपए की सामग्रियों और सेवाओं की खरीद को स्वीकृति प्रदान की गई है. बोली प्रक्रिया में बातचीत के बाद 127 करोड़ रुपए की बचत भी हुई है.
बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास
मात्र स्मार्ट टीवी ही नहीं, बल्कि राज्यभर के 391 एटीएल व रोबोटिक्सर प्रयोगशालाओं के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन को भी ग्रीन फ्लैग दे दिया गया है. इन लेब्स में बच्चे ऐस्ट्रोनॉमी से लेकर रोबोटिक्स तक नए एक्सपेरिमेंट कर पाएंगे यानी शिक्षा अब पाठ्यक्रम से आगे जाकर इनोवेशन की दिशा में अपने कदम बढ़ा रही है.
