फरीदाबाद | हरियाणा की औद्योगिक नगरी फरीदाबाद से बेरोजगार युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां 1 अगस्त से इंप्लायमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना की शुरुआत हो रही है, जिसका सीधा उद्देश्य जिले में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को प्रत्येक वर्ष 15 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि के रूप में दिए जाएंगे.

रोजगार देने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी 3 हजार रुपए महीना प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को इस योजना को सिरे चढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
आयुक्त ने दी जानकारी
EPFO फरीदाबाद की क्षेत्रीय आयुक्त निशा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह योजना 2 हिस्सों में लागू होगी. पहला भाग उन युवाओं के लिए हैं जो पहली बार किसी संस्थान में नौकरी करेंगे और EPFO से रजिस्टर्ड होंगे. ऐसे कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी (अधिकत्म 15 हजार रुपए) प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे. 2 किस्तों में इस राशि का भुगतान किया जाएगा. पहली किस्त 6 महीने की नौकरी पूरी होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की नौकरी होने पर. इस राशि का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी मंथली सैलरी 1 लाख रुपए से कम होगी.
वित्तीय साक्षरता का मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण आयुक्त निशा ने आगे बताया कि इस योजना के तहत युवाओं को वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा ताकि वे अपनी सैलरी और बचत को बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर सकें. इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को दीर्घकालिक आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है.
कंपनियों को मिलेगा लाभ
उन्होंने बताया कि ELI योजना का दूसरा हिस्सा उन कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए हैं, जो नए कर्मचारियों को नियुक्ति देगी. यदि कोई कंपनी 1 लाख रुपए मासिक वेतन तक के कर्मचारियों की नियुक्ति करती है, तो सरकार उन्हें प्रत्येक कर्मचारी के लिए प्रति महीना 3 हजार रुपए देगी. इस सहायता राशि का लाभ 2 साल तक मिलेगा. वहीं, विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों को तीसरे और चौथे साल तक इस सहायता राशि का लाभ मिलता रहेगा.
इन शर्तों का करना होगा पालन
इस योजना का लाभ उठाने वाली कंपनियों को कुछ शर्तों का पालन करना होगा. जिन कंपनियों में 50 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम दो नए लोगों को नौकरी देनी होगी. वहीं, 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को कम- से- कम 5 नए लोगों को नियुक्त करना अनिवार्य होगा. नियुक्त कर्मचारियों को 6 महीने तक निरंतर कार्यरत रहना होगा, तभी कंपनियों को प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा. सरकार इस योजना के अंतर्गत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी भुगतानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कर्मचारियों और कंपनियों के आधार व पैन कार्ड से लिंक बैंक खातों में भेजेगी.