फरीदाबाद | कहते हैं इंसान के हौसले बुलंद हो, तो वह आसमान की उंचाई को भी छू सकता है. कुछ ऐसी ही मोटिवेशनल स्टोरी हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले 32 वर्षीय पैरालंपिक प्रणव सुरमा की है, जो क्लब थ्रो के खिलाड़ी हैं. पैरालंपिक के क्लब थ्रो में आज भी वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम हैं.
अर्जुन अवॉर्ड से होंगे सम्मानित
पैरालंपिक खेलों में प्रणव सुरमा की उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित करने जा रही है. प्रणव ने बताया कि साल 2011 में हुए एक सड़क हादसे में रीढ़ की हड्डी पर काफी गंभीर चोटें आई और मैं व्हीलचेयर पर आ गया. साल 2018 में मुझे पैरालंपिक खेलों के बारे में पता चला, तो फिजिकल एक्टिविटी बनाएं रखने के लिए मैंने खेलना शुरू कर दिया.
प्रणव सुरमा ने बताया कि मेरे मौजूदा कोच नवल सिंह की देखरेख में मैंने खेल की बारिकियों को सीखना शुरू कर दिया. इसके बाद देश-विदेश में पदक जीतने का सिलसिला शुरू हो गया. पैरालंपिक और एशियाई खेलों में मेडल जीता. अब तक वो विभिन्न नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में 35 पदक जीत चुके हैं और इन्ही उपलब्धियों का नतीजा है कि आज मुझे अर्जुन अवॉर्ड मिलने जा रहा है. प्रणव ने बताया कि पैरालंपिक खेलों से पहले ट्रायल हुई थी, जिसमें मैंने 37.23 मीटर थ्रो किया था, जो अभी तक का वर्ल्ड रिकॉर्ड है.
प्रणव सुरमा की उपलब्धियां
- साल 2022 में ट्यूनिस ग्रैंड प्रिक्स खेल में गोल्ड और रजत पदक विजेता.
- साल 2022 में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल पर कब्जा किया.
- साल 2024 चेक इंटरनेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल विजेता.
- साल 2024 में आयोजित हुए पैरिस पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीता.
परिवार का मिला पूरा सहयोग
प्रणव ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद जिंदगी में बहुत उतार- चढ़ाव देखे, लेकिन परिवार से पूरा सहयोग मिला. उन्होंने बताया कि लक्ष्य कितना ही बड़ा क्यों न हो, यदि आप कड़ा परिश्रम करते हैं तो सफलता आपके कदम अवश्य चूमेगी. आज वो बैंक ऑफ बड़ौदा में असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ- साथ खेल पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं.
