फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में इस बार लगे विशेष स्टॉल, पढ़ें पार्किंग से लेकर टिकट तक की पूरी डिटेल

फरीदाबाद | हरियाणा के जिला फरीदाबाद में 17 दिवसीय विश्व प्रसिद्ध “सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला” शुरू हो गया है. 2 से 18 फरवरी तक चलने वाले 37वें सूरजकुंड मेले का उद्घाटन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया. यह ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला 18 फरवरी तक चलेगा. इसमें देश समेत दुनिया के 40 से ज्यादा देशों के कलाकार कार्यक्रम पेश करेंगे. अगर आप भी सूरजकुंड मेले में जाना चाहते हैं तो पहले जान लें ये जरूरी बातें…

Surajkund International Fair Faridabad

इसबार कई देशों के अलावा भारत के 8 उत्तर-पूर्वी राज्य- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा अस्तालक्ष्मी सांस्कृतिक भागीदार के रूप में मेले में भाग ले रहे हैं. इससे मेले में एक अलग ही नजारा देखने को मिलेगा. लोग भी इस नजारे को देखकर काफी आकर्षित होते हैं.

व्यापार करने का मिलता है अवसर

राष्ट्रपति मुर्मू ने सूरजकुंड मेले को शिल्प का महाकुंभ बताया है. उन्होंने कहा कि कारीगरों के लिए कोई सीमा नहीं होती. कलाकार मानवता के बीच सेतु का काम करते हैं, जो एक समाज की संस्कृति और सभ्यता को दूसरे समाज तक पहुंचाने की भूमिका निभाते हैं.

खोरी गांव में खड़े होंगे वाहन

तुगलकाबाद शूटिंग रेंज से आने वाले वाहन खोरी गांव के पास पार्किंग में खड़े होंगे. बदरपुर की ओर से आने वाले लोग मेले के दिल्ली गेट के पास अपने वाहन पार्क कर सकेंगे. कुल 11 पार्किंग स्थलों पर 15 हजार वाहन पार्क करने की क्षमता है. बाइक के लिए आपको 50 रुपये चुकाने होंगे. वहीं, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक 100 रुपये और शनिवार- रविवार के लिए 200 रुपये प्रति वाहन शुल्क लिया जाएगा.

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मेले के लिए प्रवेश शुल्क

आपको सोमवार से शुक्रवार तक प्रति व्यक्ति 100 रुपये और शनिवार, रविवार और राजपत्रित छुट्टियों पर 180 रुपये का भुगतान करना होगा और दिव्यांगों के लिए कोई शुल्क नहीं होगा.

कब से कब तक

मेला सुबह 10 बजे शुरू होगा और रात 10 बजे बंद हो जाएगा. प्रतिदिन शाम 6 बजे से 8 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे.

मेले की विशेषता

  • देश के 27 राज्यों और विदेशों की कला और संस्कृति से रूबरू होने का मौका
  • विभिन्न देशों की हस्तशिल्प कला को जानने और उत्पाद खरीदने का अवसर
  • देश के 27 राज्यों और विदेशों की कला और संस्कृति से रूबरू होने का मौका
  • आप कई राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे, जैसे बिहार का लिट्टी-चौखा, गोहाना की जलेबी, गुजरात का ढोकला-इडला, राजस्थान का दाल-बाटी और चूरमा

ऐसे पहुंचे सूरजकुंड मेले में

  • आप बदरपुर बॉर्डर या तुगलकाबाद के रास्ते वाहन से फरीदाबाद मेले में जा सकते हैं. आईएसबीटी दिल्ली से सूरजकुंड की दूरी 25 किलोमीटर है.
  • ट्रेन से जाने के लिए आप तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं और वहां से ऑटो पर दो किलोमीटर दूर स्थित मेला पहुंच जाएंगे.
  • मेट्रो से जाने के लिए बदरपुर मेट्रो स्टेशन पर उतरना होगा. वहां से आप दो किलोमीटर दूर सूरजकुंड जाने के लिए ऑटो ले सकते हैं.
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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.