गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम इलाके में सफाई व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, अब नगर निगम ने गुरुग्राम में डोर- टू- डोर कचरा कनेक्शन सिस्टम परमानेंट करने का निर्णय लिया है और करीब 327 करोड़ की लागत से 5 साल के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू कर दिया है. इसके लिए नगर निगम 23 फरवरी को टेंडर खोलेगा. इस टेंडर के लागू होने के बाद घर-घर से नियमित रूप से कचरा उठान सुनिश्चित किया जाएगा.
सड़क किनारे मिलता है कचरा
फिलहाल गुरुग्राम शहर में 6 महीने के टेम्पररी टेंडर पर कचरा इकट्ठा किया जा रहा है, लेकिन कम रिसोर्स के कारण लगभग 60% घरों से ही कचरा इकट्ठा हो रहा है. इस वजह से लोग रात को कचरा सड़क पर फेंक जाते है, जिससे शहर में गंदगी फैलती है. 5 साल के टेंडर के बाद रिसोर्स और काम पर लगी एजेंसी से इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीदे है.
फिलहाल टेम्पररी जिम्मेदारी को 4 जोन में लगाया
वर्तमान में 6 महीने के लिए नगर निगम ने शहर को 4 जोन में बांटकर एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है. जोन 1 में, BR & Company को 115 गाड़ियों के साथ काम दिया गया, जिसकी लागत लगभग 3 करोड़ रुपए रहेगी. जोन 2, में आर्मी डेकोरेटर्स 101 गाड़ियों के साथ कचरा इकट्ठा कर रही है, जिसकी लागत ढाई करोड़ रुपए है. जोन 3, में क्लासिक मैनपावर & कंस्ट्रक्शन सर्विसेज की 86 गाड़ियां लगाई जाएगी, जिसकी लागत लगभग 2 करोड़ रहेगी. जोन 4, में बालाजी मैनपावर सर्विसेज, फरीदाबाद को 98 गाड़ियों के साथ लगाया गया, जिसकी लगभग 2 करोड़ से ज्यादा रहेगी.
शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत सभी वार्डों में तय समय पर कचरा संग्रहण किया जाएगा. इसके साथ ही कचरा उठान वाहनों में GPS सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे निगरानी आसान होगी और कार्य में पारदर्शिता आएगी. साथ ही गीले और सूखे कचरे को अलग- अलग एकत्र करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. नगर निगम का दावा है कि नई व्यवस्था से सड़कों और कॉलोनियों में फैली गंदगी में कमी आएगी और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार आएगा.
