जनवरी में बज सकता है गुरुग्राम-फरीदाबाद-मानेसर नगर निगम चुनाव का बिगुल, BJP अपना सकती है यह रणनीति

गुरुग्राम | आदमपुर उपचुनाव जीत से गदगद नजर आ रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब नगर निगम चुनावों की तैयारियों में जुट गई है. हरियाणा के तीन प्रमुख बड़े शहरों में शामिल गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर में नगर निगम चुनाव होने हैं. हालांकि चुनाव आयोग की ओर से शेड्यूल जारी नहीं किया गया है मगर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि निगम चुनाव का बिगुल जनवरी या फरवरी माह के पहले सप्ताह में बज सकता है. प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी कर जिला प्रशासन को वार्डबंदी सहित अन्य प्रकिया पूरी करने को कहा गया है. पिछली बार की तरह इस बार भी बीजेपी इस चुनाव में भी अपने बलबूते पर उतरने की पूरी प्लानिंग बना चुकी है.

Chunav

दिसंबर में वार्डबंदी की प्रक्रिया होगी पूरी

गुरुग्राम व फरीदाबाद में अभी नए सिरे से वार्डबंदी होनी है जबकि नवसृजित मानेसर नगर निगम में पहली बार वार्डबंदी होनी है. ऐसे में नए साल तक वार्डबंदी की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, वार्डबंदी प्रशासनिक प्रक्रिया का अंग है मगर सत्तासीन पार्टी बीजेपी अपनी रणनीति को देखते हुए इस काम को तेजी से निपटाने के आदेश जारी कर सकती हैं.

प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा तेज

बता दें कि इन तीनों नगर निगम के चुनावों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में एक बैठक हुई थी, जिसमें सीएम मनोहर लाल भी उपस्थित रहे थे. इस दौरान दोनों नेताओं ने हमारा बूथ, सबसे मजबूत का नारा देकर पन्ना प्रमुख और मंडल प्रमुखों में जोश भरते हुए चुनाव के लिए तैयार रहने के आदेश दिए थे. पार्टी के वरिष्ठ नेता भी निगम क्षेत्रों में लगातार दौरे कर सही और मजबूत प्रत्याशियों की तलाश में जुटें हुए हैं. उनकी तरफ से जो संकेत मिल रहे हैं,उनको प्रदेश अध्यक्ष से लेकर अन्य पदाधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है.

यह भी पढ़े -   कुरुक्षेत्र में बीजेपी नेता पवन आश्री के खिलाफ केस दर्ज, तहसीलदार ने लगाए थे ये गंभीर आरोप

वहीं, सिंबल पर चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारने को लेकर पार्टी नेताओं का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में शहरी वोटबैंक है, जो पार्टी की विचारधारा को अच्छी तरह से समझते हैं जबकि पंचायत चुनावों में अलग परिदृश्य होता है.

मैदान में उतरे दावेदार

गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही मेयर और पार्षद पद के दावेदार पहले ही चुनावी रण में ताल ठोक चुके हैं. पार्टी टिकट किसी एक को मिलेगी लेकिन दोनों जगहों पर 20 से अधिक प्रत्याशी मेयर के लिए पार्टी सिंबल पाने को कड़ी मेहनत कर रहे हैं. ये प्रत्याशी चुनाव प्रचार भी दावेदार के रुप में कर रहे हैं.

यह भी पढ़े -   गुरुग्राम में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रम में ग्रामीणों ने किया हंगामा, ये है बड़ा कारण

शहर में नए साल और त्यौहारों की शुभकामनाएं देते हुए इन दावेदारों के होर्डिंग्स से शहर अटा पड़ा है. अकेले गुरुग्राम में 10 महिलाओं के साथ 20 से अधिक दावेदार हैं. कुछ दावेदार इस रणनीति के तहत काम कर रहे हैं कि अगर सीट महिला के लिए आरक्षित होंगी तो पत्नी को चुनावी रण में उतार देंगे.

JJP से दूरी के संकेत

इन तीनों नगर निगमों के चुनाव को लेकर हुई बैठक में गठबंधन सरकार में शामिल JJP के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की सहमति तो नहीं बनी लेकिन ऐसे संकेत दिए गए हैं कि अपने बलबूते पर तैयारियां शुरू की जाएं. ऐसे में समझा जा सकता है कि नगर निगम चुनाव में बीजेपी जजपा से दूरी बना सकती है.

प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि गठबंधन में चुनाव लड़ने का आखिरी फैसला हाईकमान तय करेगा लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अकेले चुनाव लड़ने के लिए पार्टी संगठन पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जनवरी के आखिर तक नगर निगम चुनाव का बिगुल बज सकता है.

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे! हरियाणा की ताज़ा खबरों के लिए अभी हमारे हरियाणा ताज़ा खबर व्हात्सप्प ग्रुप में जुड़े!