हरियाणा में मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिलना हुआ आसान, अब 15 दिन के भीतर मिलेगा पैसा

गुरुग्राम | हरियाणा में इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को अब और अधिक आसान बना दिया गया है. अब जरूरतमंदों को मात्र 15 दिनों में यह राशि मिल सकेगी. गुरुग्राम उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में इस प्रकिया को सरल पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया है.

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उन्होंने बताया कि अब आर्थिक सहायता के लिए आवेदक सरल पोर्टल के माध्यम से सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि सीधे आवेदक या लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी.

पूरी प्रक्रिया हुई आसान

निशांत यादव ने बताया कि आवेदक अपनी परिवार पहचान पत्र (PPP) आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. इस प्रकिया को पूर्ण करने के लिए आवेदकों को अपने चिकित्सा बिल, OPD बिल आदि जैसे अन्य संबंधित डाक्यूमेंट्स को अपलोड कर मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा आधार पर आर्थिक सहायता राशि के लिए आवेदन कर सकेंगे.

उन्होंने बताया कि योजना में किए गए बदलावों के तहत यदि कोई बीमारी आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में कवर नहीं हो रही है, तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता के लिए जिला- स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें संबंधित MP, संबंधित MLA, डीसी, सिविल सर्जन, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, जिला परिषद के चेयरमैन, पंचायत समिति के चेयरमैन को सदस्य और नगराधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है.

आवेदन मंजूरी की पूरी प्रक्रिया

उपायुक्त निशांत यादव ने आवेदन मंजूरी की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही आवेदक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर अपना आवेदन डालेगा, वैसे ही आवेदन को संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, अध्यक्ष जिला परिषद, अध्यक्ष ब्लॉक समिति, मेयर, एमसी के अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा और ये जनप्रतिनिधि पांच दिन के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ डीसी कार्यालय को भेजेंगे. उसके बाद आवेदन को डीसी कार्यालय द्वारा संबंधित तहसीलदार को आवेदक की चल- अचल संपत्ति का सत्यापन तथा सिविल सर्जन को मेडिकल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए भेजा जाएगा.

इस पूरी प्रकिया में संपत्ति की सत्यापन के लिए चार दिन व सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़े सत्यापन कार्य के लिए 5 दिन की समय- सीमा निर्धारित की गई है. उन्होंने बताया कि उपरोक्त दोनों विभागों से मिली रिपोर्ट्स को उपायुक्त की संस्तुति के साथ कमेटी के सदस्य सचिव को भेजा जाए जिसे वे सीनियर एकाउंट अधिकारी को भेजेंगे. इसके बाद, स्वीकृत की गई राशि सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

25% राशि मिलेगी

गुरुग्राम डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता राशि के रूप में इलाज खर्च की 25 फीसदी रकम मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपए निर्धारित की गई है. वहीं, आवेदक वित्त वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ उठा सकता है.

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