हिसार | हरियाणा के तीन जिलों से किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि हिसार- घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन के कारण हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिले के सेम के इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद जग उठी है. कई सालों से इस ड्रेन को दुरुस्त करने और उसको आधुनिक तरीके से बनाने की मांग उठ रही थी. किसानों की मांग को स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार ने इसके लिए एक विशेष योजना बनाई है और इस योजना के क्रियान्वयन पर 1701 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान जताया गया है.
सालों पुरानी समस्या का होगा खात्मा
इस परियोजना पर सिंचाई विभाग ने काम शुरू कर दिया है. यह प्रोजेक्ट सेम की समस्या का समाधान है. इससे सालों से अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पाने वाले किसानों को अपने खेतों में फसल देखने का सपना भी कहीं न कहीं पूरा होगा. सिरसा के चोपटा क्षेत्र के कई गांवों में सेम से बदतर हालात है. कई गांव सालों से सेम की चपेट में है. यहां 20 हजार एकड़ से ज्यादा भूमि सेम ग्रस्त है. किसानों का दर्द कोई समझ नहीं सकता है जब अपने घरों को आंखों के सामने ही खंडहर होते देखना पड़ रहा था.
सिंचाई विभाग के XEN संदीप माथुर ने बताया कि प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद किसानों को सेम की समस्या को स्थायी समाधान मिलेगा. आधुनिक तरीके से हिसार- घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन को ठीक किया जाएगा. चोपटा क्षेत्र के कुछ एरिया में फिलहाल काम चल रहा है.
तीन जिलों के आते हैं यह गांव
ऐलनाबाद, सिरसा व रानियां: तरकावाली, नाथूसरी खुर्द, चाहरवाला, शाहरपुरिया, शंकरमंदोरी, नाथूसरी कलां, दडबा कलां, मानक दीवान, रूपाणा, रधावा, निर्बाण, बकरियांवाली, गुडियाखेडा, मोडिया खेडा, माधोसिघाना, ओटू, मौजूदीन.
फतेहाबाद: गादली, रामसरा और जंडवाला बागड़.
आदमपुर: काबरेल, सीसवाल, मोहब्बतपुर, मोडाखेड़ा, दरौली, चूली कलां, चूली खुर्द.
बरवाला व नलवा: सुल्तानपुर, लाडवा, दाहिमा, मंगाली मोहब्बत, हरिकोट, कैमरी, देवा, गंगवा, टोकस, पातन, मुकलान, आर्य नगर, हिंदवान, शाहपुर, मिर्जापुर, मिंगनी खेड़ा, सलेमगढ व नलवा.
ड्रेन पर होंगे यह कार्य
- ड्रेन को चौड़ा और गहरा किया जाएगा.
- किनारों को मजबूत व पक्का बनाया जाएगा.
- पानी की निकासी क्षमता को काफी बढ़ाया जाएगा.
- पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे.
- जहां पर लेवल सही नहीं है वहां पर लेवल दुरुस्त किया जाएगा.
