हिसार | हरियाणा के हिसार शहर की सड़कों की भीड़- भाड़ से निजात दिलाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में साउथ बाईपास से डाबड़ा गांव तक के सफर को सुगम बनाने के लिए एक बड़ी अड़चन को दूर किया गया है. इसके लिए यहां 40 सालों से बंद पड़ी माइनर के साथ अब 1.5 किलोमीटर लंबी एक सड़क का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए मुख्यालय की ओर से प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है.
इस सड़क मार्ग के निर्माण से डाबड़ा और लाडवा गांव की हजारों की आबादी को अब शहर के ट्रैफिक में फंसे बिना सीधे साउथ बाईपास तक पहुंचने का शॉर्टकट रास्ता मिल जाएगा. मुख्यालय द्वारा इस सड़क मार्ग के निर्माण के लिए 3. 27 करोड़ रुपए की बजट राशि को मंजूरी दी गई है.
NOC लेने की प्रक्रिया शुरू
विभाग अब जल्द इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है. अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क न केवल दूरी कम करेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास के लिए लाइफलाइन साबित होगी. अब वन विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि जल्द से जल्द सड़क मार्ग के निर्माण कार्य को शुरू किया जा सके.
एक साथ मिलेंगे कई फायदे
अभी डाबड़ा और लाडवा गांव के लोगों को घूमकर शहर के मुख्य रास्तों से बाईपास जाना पड़ता है जिसमें लगभग आधे घंटे का समय लगता है लेकिन इस नई सड़क के बनने से यह सफर मात्र 5 मिनट में पूरा होगा. डाबड़ा और लाडवा के वाहनों का दबाव तोशाम रोड व मुख्य सड़कों पर कम होगा. सड़क बनने से आसपास के इलाके में कमर्शियल और रिहायशी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
यहां पुरानी डाबड़ा माइनर होती थी जो अभी कई सालों से उपयोग में नहीं है. इस माइनर के साथ जमीन है. यहां रोड बनाने के लिए रफ कॉस्ट एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा था. PWD मंत्री रणबीर गंगवा के प्रयासों से मुख्यालय ने प्रशासनिक मंजूरी दे दी है- अजीत सिंह, एसई, PWD B & R
