भूमि की आक्सीजन क्षमता बढ़ाने के लिए किसान साथी करें ये काम, कृषि विशेषज्ञों ने दी सलाह

झज्जर । हरियाणा में बदलते हुए मौसम को खेती के लिए फायदेमंद माना जा रहा है. पिछले कई दिनों से गर्म मौसम फसलों के लिए नकारात्मक साबित हो रहा था. वहीं पिछले दो माह से बारिश नहीं होने के चलते बिजाई की गई फसलों में भी ज्यादा पानी देने की जरूरत पड़ रही है.

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गर्मी ऐसी पड़ रही है कि सिंचाई करने के बाद भी फसल जलने की समस्या सामने आ रही है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बूंदाबांदी के बाद जलने की समस्या से निजात मिल सकेगी. अगर अच्छी बरसात होती है तो बिजाई के बाद उग चुकी फसलों को इसका सीधा लाभ पहुंचेगा.

जमीन में बढ़ेगा आक्सीजन का संचार

कृषि विशेषज्ञों ने बताया है कि बरसात से पहले किसान अपने खेतों को अच्छी तरह से तैयार कर लें ताकि आगामी फसल की पैदावार अच्छी निकल सकें. इसके लिए किसान खाली पड़े खेतों की गहरी जुताई कर लें ताकि जमीन में आक्सीजन का संचार बढ़े व पानी सोखने की क्षमता अधिक हो सकें. साथ ही जमीन के उपर जो फसलों के अवशेष आदि है, वो जमीन में दब जाएंगे, जो खाद का काम करेंगे.

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डीडीए के अनुसार

डा. इंद्र सिंह, डीडीए, झज्जर ने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि किसान खाली पड़े खेतों की गहरी जुताई कर लें, जिसका फायदा किसानों को होगा. इससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी और साथ ही खेतों में गेहूं आदि के जो अवशेष पड़े हैं, उनमें आगजनी की घटना नहीं होगी. अब किसानों के पास जुताई करने का अच्छा मौका है.

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