ज्योतिष | हिंदू पंचांग के अनुसार, सभी ग्रह एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करने के लिए जाने जाते हैं. हर मास कृष्ण पक्ष में अमावस्या तिथि आती है. शनि देव सभी राशि के जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देने के लिए जाने जाते हैं, इसी वजह से इन्हें न्याय फलदाता और कर्मफल दाता भी कहा जाता है. अबकी बार शनिवार के दिन अमावस्या पड़ रही है, इस वजह से इसे शनिचर अमावस्या भी कहा जा रहा है.
शनि अमावस्या पर स्नान दान से लेकर पूजा व दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है. अगर आपकी कुंडली में भी शनि की साढ़ेसाती या महादशा मौजूद है, तो आप शनि के उपाय करके इनसे छुटकारा पा सकते हैं. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
23 अगस्त को शनि अमावस्या
22 अगस्त 2025 को सुबह 11:56 मिनट से अमावस्या तिथि की शुरुआत हो रही है, इसका समापन 23 अगस्त को सुबह 11:36 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार 23 अगस्त को ही शनिचरी अमावस्या है. अगर आप भी शनि के कष्टो का सामना कर रहे हैं, तो आपको शनि अमावस्या के दिन शनि भगवान की विधिवत पूजा करनी चाहिए. साथ ही, ओम शं शनिश्चराय नमः मंत्र का भी 108 बार जप करना चाहिए. ऐसा करने से शनि देव आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं.
अवश्य करें दान
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए आप पीपल के पेड़ की भी पूजा कर सकते हैं. पीपल के पेड़ को बेहद ही पवित्र माना जाता है, कहा जाता है कि अगर हम शनिवार के दिन इस पेड़ की पूजा अर्चना करते हैं तो शनि दोष कम हो जाते हैं. शनि देव की कृपा पाने के लिए हम शनि अमावस्या के दिन व्रत भी कर सकते हैं. ऐसा करने से भी शनि देव प्रसन्न हो जाते हैं. साथ ही, आपको इस दिन कई वस्तुएं कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, लोहे के बर्तन, सरसों का तेल आदि का दान करना चाहिए. इसे भी काफी अच्छा माना जाता है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
