ज्योतिष | शनि देव को बेहद ही धीमी चाल में गोचर करने के लिए जाना जाता है, इसी वजह से वह किसी भी राशि में लंबे समय तक रहते हैं. जब भी शनि देव अपनी चाल में बदलाव करते हैं, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशि के जातकों पर दिखाई देता है. शनि के गोचर के अनुसार ही साढ़ेसाती का प्रभाव घटना या बढ़ता है. आज की इस खबर में हम आपको शनि की किन राशियों पर साढ़ेसाती चल रही है इस बारे में ही जानकारी देने वाले हैं.

शनि की साढ़ेसाती
शनि की साढ़ेसाती का समय काफी मुश्किलों भरा माना जाता है, इसके आमतौर पर तीन चरण होते हैं. शनि की साढ़ेसाती जिस राशि पर रहती है उसे अगली राशि और 12वीं राशि पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है. इस मुश्किल समय में आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ऐसा करने से आप शनि के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
इन तीन राशियों पर शनि का प्रकोप
मौजूदा समय में शनि गुरु की राशि मीन में विराजमान है. शनि के मीन गोचर का प्रभाव कुंभ राशि और मेष राशि के जातकों पर भी दिखाई दे रहा है, क्योंकि इन राशियों पर साढ़ेसाती चल रही है. इस साल के लास्ट तक तीनों राशियां ही शनि की साढ़ेसाती की चपेट में रहने वाली है. शनि के मीन राशि में विराजमान रहने की वजह से मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. वही शनि की राशि का दूसरा चरण इस समय मीन राशि पर ही चल रहा है. तीसरा चरण कुंभ राशि पर चल रहा है.
इन उपायों से कम होंगे शनि के दुष्प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आपको इस स्थिति में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. ऐसा करने से आपको शनि के बुरे प्रभावों से थोड़ी राहत अवश्य ही मिल जाती है. शनि की साढ़ेसाती के दौरान आपको गरीबों को बिल्कुल भी परेशान नहीं करना चाहिए. इस समय आपको भूलकर भी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए. हो सके तो जरूरतमंद और भूखे लोगों को भोजन या फिर दान करना चाहिए.
कंबल और काले तिल का दान करना इस समय काफी अच्छा माना जाता है. नौकरों के साथ आपको अच्छा व्यवहार बना कर रखना चाहिए. इस अवधि में आपको किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो आप शनि की साढ़ेसाती के जो दुष्प्रभाव है उन्हें काफी हद तक कम कर सकते हैं. आप हनुमान जी की नियमित रूप से पूजा अर्चना भी कर सकते है. कहा जाता है कि ऐसा करने से भी शनि के दुष्प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.