चंद्रयान- 3 की 23 अगस्त को होगी चंद्रमा पर लैंडिंग, शाम इतने बजे पहुंचेगा रॉकेट; पढ़े पूरी जानकारी

नई दिल्ली | भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने शुक्रवार दोपहर 2.35 बजे चंद्रयान- 3 मिशन लॉन्च किया. चंद्रयान को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3- M4 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया था. 16 मिनट बाद पृथ्वी की कक्ष में चंद्रयान पहुंच गया. प्रक्षेपण के बाद इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि यान ने चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो यह चंद्रमा पर 23 अगस्त को शाम 5.47 बजे उतरेगा.

Chandrayaan 3

14 दिनों तक होगा प्रयोग

चंद्रयान- 3 में लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल है. लैंडर और रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे और 14 दिनों तक वहां प्रयोग करेंगे. प्रोपल्शन मॉड्यूल चंद्रमा की कक्षा में रहकर पृथ्वी से आने वाले विकिरण का अध्ययन करेगा. मिशन के जरिए इसरो यह पता लगाएगा कि चंद्रमा की सतह पर भूकंप कैसे आते हैं. यह चंद्रमा की मिट्टी का भी अध्ययन करेगा.

सफलता मिली तो दुनिया का बनेगा चौथा देश

अगर सॉफ्ट लैंडिंग में सफलता मिलती है यानी मिशन सफल होता है तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा. अमेरिका और रूस दोनों के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने से पहले कई अंतरिक्ष यान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे. चीन एकमात्र ऐसा देश है जो 2013 में चांग’ई- 3 मिशन के साथ अपने पहले प्रयास में सफल रहा.

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पीएम मोदी ने दी बधाई

चंद्रयान- 3 की सफल लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय बताया. उन्होंने यह भी कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है. मैं उनके जज्बे और प्रतिभा को सलाम करता हूं. हमारे देश के लिए गर्व की बात है.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.