नई दिल्ली | दिल्ली- एनसीआर क्षेत्र में प्रदुषण की समस्या एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने बनी रहती है और सर्द मौसम में यह चुनौती और बढ़ जाती है. ऐसे में प्रदुषण से कई तरह की और चुनौतियां भी बढ़ जाती है. इसलिए दिल्ली सरकार ने प्रदुषण की समस्या से निजात पाने के लिए इस बार एडवांस में ही कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. दिल्ली सरकार ने आने वाले सर्दी के मौसम में प्रदुषण बढ़ने की आंशका को देखते हुए 1 अक्टूबर 2022 से 28 फरवरी 2023 तक मध्यम और भारी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश करने पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है.
हर साल सर्दी का मौसम शुरू होते ही राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर क्षेत्र में प्रदुषण का स्तर हाई लेवल पर पहुंच जाता है. वहीं इन दिनों में पंजाब, हरियाणा और यूपी के कई हिस्सों में पराली जलाने की घटनाएं भी बड़े स्तर पर बढ़ जाती है. इससे भी बड़े स्तर पर प्रदुषण फैलता है. सरकार की लाख कोशिश के बावजूद भी पराली जलाने की घटनाओं पर रोक नहीं लग पाती है.
सर्दी का मौसम शुरू होते ही यह प्रदुषण हवा में घुल कर उसे जहरीली बना देता है और लोगों का सांस लेना भी दूभर हो जाता है. इसके अलावा दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में डीजल के मध्यम और भारी वाहनों का आवागमन रहने से इनसे निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदुषण को और बढ़ा देता है. हालांकि दिल्ली सरकार वायु प्रदुषण पर रोक लगाने के लिए समय- समय पर कड़े फैसले लेती रहती है लेकिन उसका कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिलता है.
ऐसे में वायु प्रदुषण पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने एडवांस में अपनी तैयारियां शुरू कर दी है जिसके तहत अक्टूबर से फरवरी माह तक दिल्ली में डीजल के मध्यम और भारी वाहनों की इंट्री पर रोक लगा दी गई है. इन वाहनों के दिल्ली में प्रवेश करने पर पूरे पांच महीने तक प्रतिबंध रहेगा. इससे वायु प्रदुषण पर रोक लगाई जा सकेगी.
