एक्सपर्ट्स ने दिए ओमिक्रोन को लेकर चौका देने वाले बयान, बूस्टर डोज को बताया बेअसर

नई दिल्ली | कोरोना और इसके नए वेरिएंट का खतरा दुनिया के सभी देशों में बढ़ गया है. भारत भी कोरोना व ओमिक्रोन की चपेट में आ गया है. इस बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और भारत के एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि बूस्टर डोज नए वेरिएंट के लिए कारगर साबित नहीं होगी. इसके स्थान पर नई वैक्सीन लोगों को दी जानी चाहिए. जो संक्रमण से बेहतर सुरक्षा देने के काम आ सके.

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ICMR एक्सपर्ट ने कही ये अहम बात

ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एपिडेमियोलॉजी की साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी के चेयरपर्सन डॉक्टर जयप्रकाश मुलियिल ने स्पष्ट कर दिया कि बूस्टर डोज से उम्मीद क्रोन को नहीं रोका जा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने चौंकाने वाली बात भी कही कि ओमिक्रोन सभी संक्रमित होंगे.

डॉक्टर मुलियिल NDTV से विशेष बातचीत करते हुए बूस्टर डोज समेत कोरोना के अहम पहलू पर भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि कोविड अब डरावना नहीं है. इसका नया वैरिएंट काफी हल्का है और इसमें हॉस्पिटलाइजेशन का भी रेट काफी कम है. डॉक्टर ने यह भी कहा कि ओमिक्रोन से निपटा जा सकता है. गौरतलब है कि हममें से ज्यादातर लोगों को यह तक पता नहीं कि वह संक्रमित भी हो चुके हैं. उन्होंने ऐसी संभावना जताई कि 80% से ज्यादा लोगों को पता नहीं चला हुआ कि उन्हें कब संक्रमण हुआ.

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बूस्टर डोज की सलाह से किया इनकार

उन्होंने कहा कि किसी भी मेडिकल संस्थान ने बूस्टर डोज की सलाह नहीं दी है. यह बूस्टर डोज महामारी के स्वभाविक प्रक्रिया को रोकने में सक्षम नहीं है. डॉक्टर मुलियिल ने कहा कि प्रिकॉशनरी डोज की सलाह दी गई है. इसका कारण वह रिपोर्ट थी, जिसमें कहा गया था कि 60 साल से ऊपर के लोगों में दो डोज के बाद भी संक्रमण से लड़ने की क्षमता विकसित नहीं हो रही है.

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कोरोना टेस्टिंग पर उन्होंने कहा कि “किसी कारण से कोरोना पेशेंट के संपर्क में आए बिना लक्षणों वाले व्यक्तियों की टेस्टिंग भी ठीक नहीं है. संक्रमण 2 दिन में 2 गुना हो गया है. यानी अब तक टेस्ट में इसकी मौजूदगी का पता चलता है. तब तक संक्रमित व्यक्ति काफी लोगों में संक्रमण फैला चुका होता है. जिसके कारण जब टेस्ट किया जाता है, तो भी आप काफी पीछे रह जाते हैं. उन्होंने कहा कि यह ऐसी चीज नहीं है. जिसका महामारी के आकलन पर कोई खास असर पड़ेगा.”

WHO ने दी चेतावनी

करोना वैक्सीन कंपोजिशन पर डब्ल्यूएचओ के टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप का कहना है कि मौजूदा कोरोना वैक्सीन उन लोगों पर ही प्रभावी दिखाई दे रही हैं, जो कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित है. उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वैक्सीन को संक्रमण फैलने से रोकने में प्रभावी करने के लिए डेवलप करने की आवश्यकता है. जिसके फल स्वरुप संक्रमण गंभीर ना हो और मौतों के आंकड़ों को रोका जा सके. जब तक ऐसी वैक्सीन उपलब्ध नहीं होती है तब तक के लिए मौजूदा कोविड वैक्सीन को ऑपरेट किया जाना चाहिए.

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भारत में संक्रमण बढ़ने की संभावना

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ओमी क्रोन वैरीअंट बेहद संक्रामक है और भारत में आने वाले दिनों में इसके केसों में भी बढ़ोतरी होगी. गौरतलब है कि यदि वैक्सीनेशन अभियान पूरा हो जाता है और कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया जाए तो महामारी का प्रभाव कम किया जा सकता है. मंगलवार के दिन लगातार भारत में 1.5 लाख के सामने आए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू जैसे एडमिनिस्ट्रेटिव स्टेप्स लेने की आवश्यकता है.

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