नई दिल्ली | 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होने जा रही है जिसमें कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे. ये बदलाव PAN, HRA, क्रेडिट कार्ड, टैक्स और पेट्रोल से जुड़े है और इनका सीधा असर आम लोगों, खासकर नौकरीपेशा और टैक्स देने वालों पर पड़ेगा. पहले सिर्फ आधार से PAN बन जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब PAN बनवाने के लिए अधिक दस्तावेजों की आवश्यकता होगी. इससे एक तो फर्जी PAN पर रोक लगेगी और दूसरा सिस्टम ज्यादा सुरक्षित होगी.
HRA में बदलाव
House Rent Allowance (HRA) के नियम भी सख्त कर दिए गए है. अगर आप साल में 1 लाख से ज्यादा किराया देते है तो अब मकान मालिक का PAN देना अनिवार्य होगा और यह भी बताना होगा कि मकान मालिक आपका रिश्तेदार है या नही. इस बदलाव का उद्देश्य फर्जी HRA क्लेम को रोकना है, जिससे टैक्स चोरी कम हो सके.
क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
क्रेडिट कार्ड से नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है. अब यदि कोई व्यक्ति साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा का डिजिटल ट्रांजेक्शन करता है या 1 लाख से ज्यादा कैश पेमेंट करता है, तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी. इसका मतलब है कि बड़े खर्च अब पूरी तरह से ट्रैक होंगे और उन्हें छिपाना मुश्किल होंगे.
एक राहत भरी खबर यह है कि आप क्रेडिट कार्ड से भी टैक्स का भुगतान कर सकेंगे. पहले यह सुविधा केवल नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड तक सीमित थी. इस सुविधा का उपयोग करने पर कुछ अतिरिक्त चार्ज लग सकता है.
कंपनी द्वारा दिए गए क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर भी नया नियम लागू होगा. अगर कोई कर्मचारी कंपनी के कार्ड का उपयोग निजी खर्चों के लिए करता है और कंपनी उसका भुगतान करती है, तो उसे कर्मचारी की आय माना जाएगा और उस पर टैक्स लग सकता है लेकिन यदि पूरा खर्च ऑफिस के काम से जुड़ा है तो कोई टैक्स नहीं लगेगा.
पेट्रोल में 20% एथेनॉल अनिवार्य
अब पूरे देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अनिवार्य होगा. पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर भी नए मानक लागू होंगे जिससे प्रदूषण कम होगा. कुछ मामलों में गाड़ियों की माइलेज या परफॉर्मेंस पर हल्का असर देखने को मिल सकता है. 1961 के पुराने आयकर कानून की जगह नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा. इसका मकसद टैक्स सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है, जिससे टैक्स भरना आसान हो सके.
