नई दिल्ली | हाइवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. सोशल मीडिया पर इन दिनों Fastag को लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है जिसमें बताया जा रहा है कि जनवरी 2026 से एनुअल FASTag पास का नया नियम लागू हो गया है. इस मैसेज के बाद वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. आइए जानते हैं कि इस वायरल मैसेज में कितनी सच्चाई है.
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज की तस्वीर में एक 7 सीटर कार पर क्रॉस का निशान और 5 सीटर कार पर टिक का निशान दिखाया गया है. साथ ही, यह भी लिखा गया है कि 7 सीटर गाड़ियों के लिए FASTag पास अब काम नहीं करेगा. इस तस्वीर को आधिकारिक दिखाने के लिए NHAI का लोगो भी लगाया गया है.
FasTag मैसेज की सच्चाई
इस वायरल मैसेज पर अपना रूख स्पष्ट करते हुए NHAI ने बताया है कि Fastag को लेकर ऐसा कोई नया नियम नहीं लागू किया गया है. यह पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है. ना तो 7 सीटर और ना ही 5 सीटर निजी वाहनों के लिए Fastag के नियमों में बदलाव किया गया है. NHAI पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुका है कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की आवश्यकता है.
लोगों को गुमराह करने की कोशिश
NHAI ने बताया कि इस तरह की फर्जी पोस्ट लोगों को भ्रमित करने के साथ-साथ ठगी का जरिया भी बन सकती है. कई बार ऐसे मैसेज के जरिए नकली लिंक साझा किए जाते हैं जिनपर Click करने से लोगों की पर्सनल डिटेल्स या बैंक डिटेल्स चोरी हो सकती है. इसलिए किसी भी नए नियम पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि बहुत जरूरी है.
FASTag सभी निजी वाहनों चाहे वे 5 सीटर हों या 7सीटर के लिए पहले की तरह वैध है. टोल प्लाजा पर शुल्क वाहन की श्रेणी के आधार पर लिया जाता है न कि सीटों की संख्या के आधार पर. Fastag से जुड़े किसी भी बदलाव की जानकारी हमेशा NHAI या सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन के जरिए ही दी जाती है.
