नई दिल्ली, New Income Tax Bill | केंद्रीय मंत्रिमंडल की तरफ से कल नए इनकम टैक्स बिल को मंजूरी दे दी गई. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह बिल 6 दशक पुराने आईटी अधिनियम की जगह होने वाला है. नया बिल इनकम टैक्स से जुड़ी उन सभी संशोधनों और धाराओं से मुक्त होने वाला है जो अब प्रासंगिक नहीं है. आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देने वाले हैं.
मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी
नए इनकम टैक्स बिल में प्रावधान और स्पष्टीकरण या कठिन वाक्य नहीं होंगे. इससे मुकदमेबाजी कम करने में भी सहायता मिलने वाली है. सूत्रों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने नए बिल को मंजूरी दे दी है. अब नया बिल अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और इसे संसद की वित्त संबंधित स्थायी समिति के पास भी भेजा जाएगा. मौजूदा बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होने जा रहा है. इसके बाद, 10 मार्च से फिर से सत्र की शुरुआत हो जाएगी जो 4 अप्रैल तक जारी रहने वाला है.
क्यों लागू किया गया नया इनकम टैक्स बिल?
नए बिल को लागू करने का मुख्य उद्देश्य भाषा और अनुपालन प्रक्रिया को पहले से काफी आसान बनाना है. नए कानून में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की कोई भी संभावना नहीं है, क्योंकि यह आमतौर पर वित्त अधिनियम के जरिए ही किया जाता है. बता दें कि साल 2010 में प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक को संसद में पेश किया गया था. इसके बाद, इसे जांच के लिए स्थायी समिति के पास भेजा गया था. 4 सालों के बाद ही सरकार बदलने के कारण इस विधायक को भी निरस्त कर दिया गया था.
