नई दिल्ली | राजधानी में झुग्गी- झोपड़ी में रहने वाले लोगों का खुद का घर पाने का सपना अब जल्द पूरा हो सकता है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को बताया कि सरकार करीब 50,000 फ्लैट्स में झुग्गी निवासियों को भेजने की योजना पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि ये फ्लैट्स पिछले साल तैयार हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी को भी आवंटित नहीं किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने 2011 के आसपास उत्तर पश्चिमी दिल्ली के सुल्तानपुरी क्षेत्र में बने ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के सरकारी फ्लैट्स का निरीक्षण भी किया.
मरम्मत के बाद फ्लैट्स होंगे आबंटित
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी गरीब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर नहीं होगा. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि इन पुराने फ्लैट्स की मरम्मत के बाद और सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के बाद इन्हें झुग्गियों से हटाकर 2 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को देने की योजना है. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जब तक वैकल्पिक आवास उपलब्ध न करा दिया जाए, तब तक किसी भी झुग्गी को नहीं हटाया जाएगा.
सुल्तानपुरी में बने 1060 फ्लैट्स
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत सुल्तानपुरी के सी- ब्लॉक के पास 1060 ईडब्ल्यूएस मकानों का निर्माण किया गया है. ये मकान G+4 मंजिल वाले हैं, जिनमें 1 लिविंग रूम, 1 बेडरूम, 1 किचन, 1 बाथरूम, 1 शौचालय और 1 बालकनी शामिल हैं. प्रत्येक फ्लैट का कार्पेट एरिया 25 वर्गमीटर है. कुल 27,720 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इन मकानों की शुरुआती लागत ₹52.81 करोड़ थी, जो अब बढ़कर ₹67.84 करोड़ हो गई है.
प्रति फ्लैट लागत ₹4.98 लाख से बढ़कर ₹6.40 लाख तक पहुंच गई. 31 मार्च 2016 को इनका निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब सभी 1060 मकान लोगों को देने के लिए तैयार हैं.
