ITR 2022: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का आज आखिरी दिन, इन 10 गलतियों से बचे

नई दिल्ली | इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. आज के बाद आपको आईटीआर फाइल करने के लिए लेट फाइन देना होगा. अगर आपने अभी तक अपना आईटीआर फाइल नहीं किया है तो आज आपके लिए आखिरी मौका है. 1 अगस्त से ITR फाइल करने के लिए 10,000 रुपये तक का लेट फाइन भरना पड़ सकता है. इनकम टैक्स इंडिया ने डेडलाइन बढ़ाने को लेकर अपना स्टैंड साफ कर दिया है. ITR फाइल करने के आखिरी दिन से पहले इनकम टैक्स इंडिया ने डेटा जारी किया और टैक्सपेयर्स को भी अलर्ट किया गया.

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5 करोड़ से ज्यादा आईटीआर फाइल

आज सुबह इनकम टैक्स इंडिया ने ट्वीट कर टैक्सपेयर्स को अलर्ट किया. साथ ही बताया कि 30 जुलाई 2022 तक 5.10 करोड़ से ज्यादा आईटीआर फाइल किए जा चुके हैं. 30 जुलाई 2022 को ही 57.51 लाख से ज्यादा ITR फाइल किए गए थे. इनकम टैक्स इंडिया ने चेतावनी दी है कि लेट फाइन से बचने के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई तक अपना ITR फाइल करें.

आज आखिरी दिन है

इनकम टैक्स इंडिया ने अपने ट्वीट में साफ कर दिया है कि 31 जुलाई तक आईटीआर फाइल करें और लेट फाइन से बचें. यानी 1 अगस्त से ITR फाइल करने पर जुर्माना भरना होगा. अगर आप आज रात 11:59 बजे तक आईटीआर फाइल करते हैं तो लेट फाइन से बचा जा सकेगा. अगर कोई शख्स आइटीआर फाइल नहीं करता है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से उसे नोटिस भी मिल सकता है. ज्यादा वैल्यू वाले केसों पर 7 साल की सजा हो सकती है.

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समय सीमा के बाद आईटीआर दाखिल करने पर जुर्माना लग सकता है. देर से रिटर्न दाखिल करने पर 5 लाख रुपये या उससे कम की आय पर 1,000 रुपये का विलंब शुल्क लगेगा. 5 लाख रुपये से अधिक आय के लिए लेट फीस 5,000 रुपये होगी. यह राशि 10,000 रुपये तक जा सकती है.

ITR खुद फाइल करें

आईटीआर भरने के लिए आपको यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से आयकर विभाग की वेबसाइट https://www.incometax.gov.in/iec/foportal पर लॉग इन करना होगा. आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के लिए, आपको पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या, निवेश विवरण और फॉर्म 16 या फॉर्म 26एएस की आवश्यकता होगी.

फॉर्म भरते वक्त ना करें यह गलतियां

आयकर विभाग ने कई आईटीआर फॉर्म निर्धारित किए है. आपको अपनी आय के स्रोत के आधार पर अपना आईटीआर फॉर्म सावधानी से चुनना होगा, अन्यथा आयकर विभाग इसे अस्वीकार कर देगा और आपको आयकर की धारा 139(5) के तहत संशोधित रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा जाएगा.

आय की सही जानकारी दें

अपनी आय की हमेशा सटीक जानकारी दें. यदि आप जानबूझकर या गलती से अपनी आय के सभी स्रोतों का खुलासा नहीं करते हैं, तो आपको आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है. बचत खाते के ब्याज और मकान किराए की आय जैसी जानकारी भी देनी होगी. क्योंकि ये आमदनी भी टैक्स के दायरे में आती है.

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पुरानी और नई कर व्यवस्था में से अपने लिए सही विकल्प चुनें

आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए करदाताओं को दो विकल्प मिलते हैं. नया विकल्प 1 अप्रैल, 2020 को दिया गया था. नए टैक्स स्लैब में 5 लाख रुपये से ऊपर की आय पर टैक्स की दरों को कम रखा गया था, लेकिन कटौती को हटा लिया गया था. वहीं अगर आप पुराने टैक्स स्लैब को चुनते हैं तो आप कई तरह की टैक्स कटौती का फायदा उठा सकते हैं.

बैंक खाता विवरण न भरना

बहुत से लोग अपने उन सभी बैंक खातों का विवरण नहीं देते हैं जिनसे उन्होंने उस वित्तीय वर्ष में लेनदेन किया है. ऐसा करना गलत है, क्योंकि आयकर विभाग ने अपने अधिनियम में स्पष्ट रूप से कहा है कि करदाताओं को अपने नाम पर पंजीकृत सभी बैंक खातों के बारे में जानकारी प्रदान करना आवश्यक है.

फॉर्म 26AS डाउनलोड कर आय का मिलान करें

फॉर्म 26AS या टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट आपकी आय पर काटे गए टीडीएस के भुगतान के सभी विवरण देता है. अपने टैक्स रिफंड का दावा करने से पहले इसे जांचना सुनिश्चित करें. आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाता को फॉर्म 26AS और फॉर्म 16/16A से आय का मिलान करने के लिए कहा जाता है. यह आपको टैक्स कैलकुलेशन में होने वाली किसी भी गलती से बचाएगा जिससे आप सही टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे.

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टैक्स रिटर्न सत्यापित करें

बहुत से लोग सोचते हैं कि टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद उनका काम खत्म हो गया है, लेकिन टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद आपको इसे भी सत्यापित करना होगा. आप अपने कर रिटर्न को अपने आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल से ई-सत्यापित कर सकते हैं या आप इसे सीपीसी-बैंगलोर को भेजकर भी सत्यापित कर सकते हैं.

त्योहार या किसी अन्य अवसर पर मिले उपहार की जानकारी दें

इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक अगर आपको एक साल में 50 हजार रुपये से ज्यादा का गिफ्ट मिला है तो उस पर आपको टैक्स देना होगा. ऐसे में आपको इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा.

विदेश में खाता है तो उसकी भी जानकारी जरूरी

यदि आपका किसी अन्य देश में बैंक खाता है तो आपको यह जानकारी आयकर रिटर्न दाखिल करते समय देनी होगी. आयकर नियमों के अनुसार, भारत में सभी करदाताओं को बैंक खातों सहित सभी विदेशी संपत्तियों का विवरण देना होगा. यदि आपने विदेश में स्टॉक या म्यूचुअल फंड में निवेश किया है, तो विवरण भरते समय सावधानी बरतें.

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