नूंह | हरियाणा सरकार द्वारा रजिस्ट्री के सर्कल रेट बढ़ाए जाने से आम लोगों के साथ- साथ किसान भी परेशान नजर आ रहे हैं. इस बढ़ोतरी का असर रजिस्ट्री की संख्या पर भी पड़ा है. ग्रामीण इलाकों के लोगों का कहना है कि कई बार जमीन का वास्तविक रेट उतना नहीं होता, जितना रजिस्ट्री में खर्च आ जाता है.
छोटा प्लॉट लेने वालों पर पड़ा असर
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है, जो अपना घर बनाने के लिए छोटी सी जगह खरीदना चाहते थे. लोगों का कहना है कि इससे सरकार को फायदा होने के बजाय उल्टा नुकसान हो रहा है क्योंकि जमीन के दाम बढ़ने से खरीद- बिक्री कम हो गई है. सबसे ज्यादा इजाफा पिनगवां और पुन्हाना क्षेत्र में हुआ है, जहां ग्रामीण इलाकों में रजिस्ट्री फीस 1600 रुपये प्रति वर्ग गज हो चुकी है, जबकि पहले यह 1200 रुपये थी. कस्बे के पास का सर्कल रेट भी 1500 रुपये बढ़कर 5500 रुपये प्रति वर्ग गज हो चुका है.
की गई दर घटाने की अपील
रशीद अहमद, तोसीफ खान, राजकुमार, साजिद खान, संजय कुमार, भूरा सिंगला, शौकीन और अजरुद्दीन जैसे कई स्थानीय नेताओं ने कहा कि प्रदेश में 10 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पिनगवां और पुन्हाना में यह दरें जमीन की कीमत से भी अधिक हैं. पहले ही किसान जमीन खरीदने से कतराते थे, अब रेट बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में सौदे लगभग बंद हो गए हैं.
