नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार ने दिव्यांग कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सरकार ने दिव्यांगता की कुछ निश्चित श्रेणियों में आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों दोगुना परिवहन भत्ता देने का ऐलान किया है. वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं.

दोगुना मिलेगा परिवहन भत्ता
वित्त मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी एक कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि 15 सितंबर 2022 को जारी पूर्व निर्देशों में संशोधन करते हुए दिव्यांगता की श्रेणियों की एक नई सूची जारी की गई है जिसके तहत कर्मचारियों को दोगुना परिवहन भत्ता दिया जाएगा. नए आदेश के अनुसार, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले कर्मचारी इस सुविधा के हकदार होंगे, बशर्ते अन्य शर्तें पूरी हों.
गतिशीलता विकलांगता: इसमें कुष्ठ रोग से ठीक हुए लोग, सेरिब्रल पैरालिसिस, बौनापन, पेशी दुर्बलता, एसिड अटैक, रीढ़ की हड्डी की विकृतियां और चोटें, अंधापन या कम दिखाई देना, सुनने व बोलने में दिक्कत, लर्निंग लर्निंग डिसऑर्डर या ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के शिकार लोग, मानसिक रोग और मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसंस डिजीज जैसे लंबे समय से चले आ रहे न्यूरोलॉजिकल डिजीज के शिकार कर्मचारियों को दोगुना परिवहन भत्ता का लाभ मिलेगा.
रक्त संबंधी विकलांगताएं: हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग.
Multiple Disability: ऊपर दी गई अक्षमताओं में से दो या उससे अधिक बीमारियों से ग्रस्त.
इस वजह से लिया फैसला
दिव्यांग कर्मचारियों को रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है. खासकर कामकाज के लिए आवाजाही करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है. ऐसे में परिवहन भत्ता राशि दोगुना करना इन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत होगी.