अब हरियाणा में हर घर रोजगार देने की तैयारी, मनोहर सरकार ने तैयार किया एजेंडा

पंचकूला । हरियाणा प्रदेश में बेरोजगारी एक ज्वलनशील मुद्दा है और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सत्तासीन पार्टी पर लगातार निशाना साधते रहते हैं. ऐसे में प्रदेश की मनोहर सरकार ने युवाओं को रोजगार देने पर फोकस किया है. प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2025 तक हर युवा को रोजगार मुहैया करवाना है और प्रदेश सरकार ने इसके लिए अपना एजेंडा भी तैयार कर लिया है.

Haryana CM Press Conference

प्रदेश की मनोहर सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक करीब दो लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना है. बाकी सालों में सरकारी नौकरियों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में हर-संभव कदम उठाए जाएंगे.परिवार पहचान पत्र में दर्ज जानकारी के आधार पर हरियाणा सरकार ऐसे तमाम युवाओं को चिह्नित करने में जुट गई है , जिनके पास रोजगार नहीं है.

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प्रदेश सरकार ने तैयार किया रोड़मैप

रोजगार उपलब्ध करवाने के पहले चरण में हर परिवार से एक युवा को रोजगार दिया जाएगा जबकि दूसरे चरण में हर बेरोजगार युवक को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा. सरकार स्पष्ट कर चुकीं है कि हर किसी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है लेकिन बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार स्थापित कर उनकी आमदनी का जरिया बनाया जा सकता है. इसके तहत सरकार की प्लानिंग है कि कम भूमि वाले किसानों की आय बढ़ाने तथा उस परिवार के सदस्यों को रोजगार देने के लिए पशुपालन, मत्स्य पालन व मधुमक्खी पालन जैसे व्यवसाय से जोड़ा जाएगा. सरकार इन व्यवसायों से युवाओं को जोड़ने के लिए ऋण तक मुहैया करवाएगी.

स्वरोजगार पर आगे बढ़ रही है सरकार

प्रदेश सरकार हर जिले में अधिक से अधिक हरहित स्टोर खोलने की तरफ भी आगे बढ़ रही है. पूरे प्रदेश में करीब पांच हजार हरहित स्टोर खोलने की योजना है. तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 71 हरहित स्टोर की शुरुआत की गई है.सीएम मनोहरलाल के अनुसार, एक हरहित स्टोर से चार से दस लोगों तक को रोजगार मिलने की संभावना है. पांच हजार हरहित स्टोर खुलने के बाद इनकी संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है.

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इसके अलावा प्रदेश सरकार गांवों व शहरों में वीटा के बूथ, हैफेड के स्टोर, खादी भंडार और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले स्पेशल आउटलेट खोलने पर भी विचार कर रही है. हरहित स्टोर पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को बिक्री के लिए रखा जाएगा. इससे गांवों व शहरों में महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट योजना भी शुरू की गई है जो रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में एक अहम कड़ी साबित होंगी. अब देखना ये होगा कि सरकार की यें प्लानिंग धरातल पर कितनी कामयाब होती है या प्रदेश के युवाओं को यूंही ही बेरोजगारी के थपेड़े सहने होंगे.

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