हरियाणा के आढ़तियों ने लिया फैसला, कल से रहेगी प्रदेश की मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल

सिरसा | हरियाणा में आढ़तियों ने फैसला लिया है कि वह पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हरियाणा सरकार ने व्यवस्था को लेकर जो पोर्टल चालू किया था उसमें खामियां बताकर विरोध किया जा रहा है. आढ़तियों ने फैसला किया है कि हरियाणा में ई-नाम व्यवस्था के विरोध में 19 सितंबर से प्रदेश की मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगी.

Bajra Mandi

हड़ताल के दौरान मंडियों में किसी भी प्रकार की फसल की बोली या खरीद नहीं होगी. सरकार अनाज मंडियों में ई-नाम प्रणाली के तहत कंप्यूटर के माध्यम से फसलों की खरीद करेगी जो एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है इसलिए व्यापारी हड़ताल पर हैं. यह जानकारी शनिवार को व्यापारियों की बैठक के बाद आढ़ती एसोसिएशन सिरसा मंडी के प्रधान मनोहर मेहता ने दी.

किसान अपनी फसल मंडियों में न लाएं: मेहता

मेहता ने बताया कि इस दौरान कोई लेन-देन नहीं होगा इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की है कि 19 सितंबर से सभी किसान अपनी फसल मंडियों में न लाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. सिरसा जिले की सात मंडियों के प्रधानों की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुरेंद्र ने की, जिसमें सभी मंडियों के प्रमुखों व अन्य आढ़तियों ने हड़ताल का समर्थन किया.

आढ़तियों को करना पड़ेगा काफी दिक्कतों का सामना

सुरेंद्र ने कहा कि सरकार आढ़तियों की मांगों को लेकर हठधर्मिता अपना रही है और आढ़तियों का धंधा बर्बाद करने पर आमादा है. इससे आढ़तियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि 10 सितंबर की गोहाना रैली में प्रदेश भर के आढ़तियों ने तय किया था कि 17 सितंबर तक सरकार ने आढ़तियों की मांगें नहीं मानी तो 19 सितंबर से राज्य की मंडियां अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी. वहीं, मार्केट कमेटियों के सामने धरना दिया जाएगा.

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सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा धरना

सिरसा में भी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मंडी समिति कार्यालय के सामने धरना होगा. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा लगातार व्यापारियों के हितों के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं और कुछ बड़े औद्योगिक घरानों को राहत के नाम पर खुली छूट दी जा रही है. इसी कड़ी में एक और नया तुगलकी फरमान, हरियाणा सरकार की गठबंधन सरकार ने ई-नाम खरीद को लागू करने का फैसला किया है. खरीदार व्यापारी को माल उठाने से पहले खरीदे गए माल का ई-पेमेंट सीधे किसानों के खातों में जाएगा जिससे अन्नदाता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.