सोनीपत | बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित 17 गांवों के किसान बुधवार को भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले एडीसी कार्यालय पहुंचे. किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच होने वाली अहम बैठक को लंबे समय से चल रहे मुआवजा विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में प्रभावित भूमि के मुआवजे और मार्केट रेट को लेकर चर्चा होगी. उनकी कृषि भूमि से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के कारण जमीन की उपयोगिता और बाजार मूल्य दोनों प्रभावित हुए हैं. इसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों की मांग है कि उन्हें मौजूदा बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए.

यह मामला पिछले करीब तीन वर्षों से लंबित है. इस दौरान किसानों ने कई बार प्रदर्शन, धरना और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर अपनी मांगें उठाई हैं. किसानों का आरोप है कि अब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया जिसके कारण उन्हें लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है.
सोनीपत में आज फैसला
बुधवार को एडीसी कार्यालय में होने वाली बैठक को इस संघर्ष का अहम पड़ाव माना जा रहा है. किसान नेताओं के अनुसार बैठक का मुख्य एजेंडा प्रभावित भूमि का मार्केट रेट तय करना और मुआवजा प्रक्रिया को अंतिम रूप देना है. किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगा और वर्षों से लंबित मामले का समाधान निकलेगा. भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने कहा कि हाईटेंशन लाइनों की वजह से खेती- किसानी के कार्यों में भी दिक्कतें आती हैं. साथ ही, जमीन की खरीद- फरोख्त पर भी असर पड़ता है. ऐसे में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिलना जरूरी है.
किसान पहुंचे ADC कार्यालय
बैठक के नतीजों पर जिले के 17 गांवों के किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं. किसान नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को स्वीकार करता है तो यह आंदोलन की बड़ी सफलता होगी और हजारों किसानों को इसका लाभ मिलेगा. यदि कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी. बैठक शुरू होने से पहले किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनेगा और न्यायसंगत समाधान निकालेगा. किसानों के अनुसार, आज की बैठक उनके आंदोलन और मुआवजे की लड़ाई के लिए निर्णायक साबित हो सकती है.