झज्जर | हरियाणा सरकार NCR क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले शहरों में प्रदुषण पर नियंत्रण पाने की दिशा में बड़ी तैयारी कर रही है. हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार बुधवार को बहादुरगढ़ पहुंचे थे जहां उन्होंने ईंट भट्ठा एसोसिएशन की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर चीफ गेस्ट शिरकत की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सूबे के एनसीआर क्षेत्र में प्रदुषण पर अंकुश लगाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा.
1 हजार बसों का ऑर्डर
प्रदुषण बोर्ड के सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि सरकार ने 1 हजार नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का ऑर्डर दे रखा है और इसी महीने के आखिर तक 400 बसें मिल जाएगी. इन बसों को गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ जैसे एनसीआर क्षेत्र के शहरों में चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि अक्टूबर, 2023 तक परिवहन विभाग को बाकी 600 बसें भी मिल जाएगी. इसके अलावा, सभी सरकारी अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें जाएंगे.
प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में 1 जनवरी से डीजल चालित ऑटो के रजिस्ट्रेशन पर पूर्णतः पाबंदी लगा दी है. अब सिर्फ इलेक्ट्रिक या CNG ऑटो के ही रजिस्ट्रेशन हो सकेंगे.
इसके साथ ही, आने वाले समय में गुरुग्राम और फरीदाबाद की सड़कों पर दौड़ रहे पेट्रोल और डीजल से चलने वाले तमाम आटो रिक्शा का भी इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया के पीछे सरकार का मकसद एनसीआर क्षेत्र में बेलगाम होते प्रदुषण पर काबू पाना है.
वैकल्पिक स्रोतों पर विचार करने की जरूरत
सचिव सदस्य ने कहा कि बढ़ते प्रदुषण पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. केन्द्र सरकार भी इस दिशा में समय समय पर गाइडलाइंस जारी करती है लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद भी प्रदुषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में वाहनों, ईंट भट्ठों और तमाम तरह की फैक्ट्रियों में पारंपरिक ईंधन पर पूर्णता रोक लगाने और ऊर्जा के अन्य वैकल्पिक स्त्रोतों पर विचार करने की बहुत अधिक जरूरत है ताकि आने वाली पीढ़ी शुद्ध हवा में सांस ले सकें.
