चंडीगढ़ से मनाली तक पहुंचने में लगेंगे चार घंटे, इस दिन से होगी आवाजाही शुरू

चंडीगढ़ | हिमाचल प्रदेश की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक मनाली पहुंचने में अब कुछ घंटे लगेंगे. चंडीगढ़ से मनाली का सफर अब महज चार से साढ़े चार घंटे में पूरा होगा. किरतपुर- मनाली फोरलेन पर पंजाब- हिमाचल सीमा पर स्वारघाट से पहले बनी पहली 1.8 किलोमीटर लंबी टनल (टनल) पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है. टनल को शनिवार को छोटे वाहनों के ट्रायल के लिए खोल दिया गया है. इस टनल के शुरू होने से चंडीगढ़ से मंडी का पांच घंटे का सफर अब करीब तीन घंटे में पूरा होगा.

road tunnel

1.8 किमी में है कुछ काम बाकी

कीरतपुर- मलानी फोरलेन के परियोजना प्रबंधक वरुण चारी ने बताया कि कीरतपुर के समीप फोरलेन की टनल नंबर- 1 को ट्रायल के तौर पर कुछ समय के लिए छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है. सुरंग की लंबाई 1.8 किमी है और इसमें कुछ काम बाकी है. टनल के अंदर लंबित काम 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा.

उसके बाद, टनल में छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी जाएगी. वहीं, फोर लेन का उद्घाटन 20 से 25 जून के बीच होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे.

किरतपुर से मंडी तक है पांच टनल

कीरतपुर- मनाली फोर लेन पर कीरतपुर से मंडी तक पांच टनल का काम पूरा हो चुका है. कीरतपुर में टनल नंबर- 1 है, जिसकी लंबाई 1.8 किमी है. दूसरी सुरंग बिलासपुर के थापना गांव के पास है जो 465 मीटर लंबी है. तीसरी सुरंग बिलासपुर जिले के टुन्नू में 550 मीटर की है. चौथी सुरंग बिलासपुर के तिहरा में 1265 मीटर लंबी है. पांचवीं सुरंग मंडी जिले के भवाना में 740 मीटर लंबी है. स्वारघाट और बिलासपुर होते हुए किरतपुर से मंडी की दूरी 124 किमी है. फोर लेन बनने से यह दूरी 37 किमी घटकर 87 किमी रह जाएगी. इस सफर को पूरा करने में महज सवा घंटे का समय लगेगा.

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पूरे राजमार्ग पर है 13 सुरंगें

किरतपुर- मनाली फोरलेन हाईवे के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद चंडीगढ़ से मनाली की सड़क रोमांच से भरी होगी. इस पूरे सफर में आकर्षक वादियों के बीच से गुजरते हुए 13 सुरंगें मिलेंगी. झीलों और नदियों पर बने खूबसूरत पुल यात्रा को शानदार बना देंगे. हाईवे पर बन रही 13 सुरंगों में से सबसे लंबी सुरंग मंडी से आगे पंडोह और तकोली के बीच है जो निर्माणाधीन है. यह सुरंग 2.8 किमी लंबी है. वहीं, सबसे छोटी सुरंग बिलासपुर के टुन्नू गांव में है जो 465 मीटर लंबी है.

बिलासपुर और स्वारघाट नहीं पड़ेगा जाना

अब चंडीगढ़ से मनाली जाने के लिए बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा. कीरतपुर- स्वारघाट के बीच पहले फोर लेन टनल से वाहन गुजरेंगे जो जूरीपाटन होते हुए सुंदरनगर पहुंचेंगे. इससे वाहन चालकों को स्वारघाट व बिलासपुर में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और समय व ईंधन की भी बचत होगी.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.