हरियाणा के किसानों को मिला खराब फसलो का मुआवजा, CM खट्टर ने 67 हजार किसानों के खाते में डाले 181 करोड़ रुपये 

चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने मार्च- अप्रैल में बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए 181 करोड़ रुपये जारी किए हैं. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहली बार डीसी के माध्यम से राशि भेजने के बजाय ई- मुआवजा पोर्टल के माध्यम से एक क्लिक से 67,758 किसानों के खाते में सीधे राशि भेजी है. मुख्यमंत्री खट्टर ने बताया कि सरकार ने फसल क्षति का विशेष सर्वेक्षण कराया है.

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तदानुसार, 18 जिलों में 2.09 लाख एकड़ में फसल क्षति दर्ज की गई. इसमें से 67,758 किसानों को गेहूं, सरसों और तोरिया की फसल के लिए 181 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है. इस मौके पर डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला, कृषि मंत्री जेपी दलाल भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में जिला उपायुक्त भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.

2.63 लाख किसानों ने किया फसल खराब होने का दावा

बेमौसम बारिश के कारण राज्य के 2.63 लाख किसानों ने 17.14 लाख एकड़ में फसल खराब होने का दावा किया था. किसानों ने ई- मुआवजा पोर्टल पर फसल का दावा किया था. इसके बाद, सरकार की ओर से विशेष गिरदावरी की गई. कंपनियों से बीमा कराने वाले किसानों को मुआवजा राशि कंपनियां देगी.

किसान पहले साल मुआवजे के लिए इंतजार करते थे: CM

CM खट्टर ने कहा कि वे दिन गए जब किसान मुआवजा पाने के लिए वर्षों इंतजार करते थे. ई- गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ रही वर्तमान राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसानों को समय पर मुआवजा मिले. मनोहर लाल ने कहा कि संबंधित अधिकारी मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों का शत- प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि उन्हें समय पर मुआवजा दिया जा सके.

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किसान नेताओं का दावा, अभी नहीं पहुंची राशि

अभी तक किसानों के खातों में राशि नहीं पहुंची है. अधिकारियों की माने तो सरकार ने जिले को राशि जारी कर दी है. इसके बाद, राशि संबंधित बैंकों में भेज दी जाएगी और गुरुवार शाम तक किसानों के खातों में राशि पहुंचने की उम्मीद है. किसान नेताओं का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि मिला मुआवजा सही है या नहीं. भाकियू के प्रदेश महासचिव रामफल कंडेला और अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि एक-दो दिन में पता चल जाएगा कि किस किसान के खाते में कितनी राशि आई है.

यह राशि नहीं है पर्याप्त: महासचिव 

यह राशि पर्याप्त नहीं है. सरकार ने ड्रोन से सर्वे कराया था जो गलत निकला. कई किसान वंचित रह गए. रेवाड़ी जिले के किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ है. झज्जर में 13 करोड़ 55 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है- रामकिशन महलावत, प्रदेश महासचिव, भाकियू (टिकैत)