चंडीगढ़ | हरियाणा में 450 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के बाद अब राज्य सरकार ने शहरों और कस्बों में नई अवैध कॉलोनियों को बसने से रोकने के लिए फुलप्रूफ योजना बनाई है. नगर निगम क्षेत्र में प्लॉट और मकान की रजिस्ट्री के साथ प्रॉपर्टी आईडी अनिवार्य कर दी गई है. ऐसा करने के लिए कई कारण बताए गए हैं.
ये होगा नियम
रजिस्ट्री उसी प्लॉट और मकान की होगी जिसकी प्रॉपर्टी आईडी बनेगी. आपको बता दें कि फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना में जमीन की ऊंची कीमत के कारण दीनदयाल ग्रुप हाउसिंग स्कीम को बंद करने का ऐलान किया गया है. प्रदेश में कुल 1,856 अनियमित कॉलोनियां हैं जिन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
पहले चरण में होगा ये काम
पहले चरण में 450 अवैध कॉलोनियों को वैध किया गया है जिनमें 239 कॉलोनियां टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और 111 कॉलोनियां स्थानीय शहरी निकाय विभाग के अधीन हैं. वैध हो चुकी 450 कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां खोली जा चुकी हैं. प्रदेश में धड़ल्ले से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय आवास योजना के तहत कॉलोनियों को लाइसेंस देने की योजना तैयार की है. इससे अवैध कॉलोनियों का विकास रुकेगा. अवैध कॉलोनियों की निगरानी की जिम्मेदारी प्रवर्तन ब्यूरो को सौंपी गई है.
