कभी स्मारकों से थी पहचान लेकिन आज ये हैं दिल्ली का सबसे अमीर गांव, इस तरह बदलती गई तस्वीर

नई दिल्ली | गांव का नाम दिमाग में आते ही सबके मन में देशी पृष्ठभूमि की तस्वीर उभर कर सामने आती हैं लेकिन आज हम आपको राजधानी दिल्ली के एक ऐसे गांव के बारे में जानकारी देंगे, जो अपनी अनूठी शान और खासियत की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहा है. “हौज खास विलेज” नाम के इस गांव को दिल्ली का सबसे अमीर गांव माना जाता है.

Hauz Khas Village Market

दिल्ली का यह गांव अपने आप में इतिहास की कई सुनहरी यादों को समेटे हुए है. मुग़ल काल में अलाउद्दीन खिलजी ने यहां पानी की आपूर्ति के लिए एक जलाशय बनवाया था. उसके नाम पर ही यह गांव हौज खास विलेज के नाम से प्रसिद्ध हुआ था. यह गांव दिल्ली के अस्तित्व से पहले ही मौजूद था लेकिन 1980 के बाद इस गांव में लगातार बदलाव होते रहे और यह हौज खास विलेज के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा.

गांव की सबसे बड़ी खासियत

हौज खास विलेज के सीएम जैन ने बताया कि वे यहां 35 सालों से रह रहे हैं. इस दौरान उन्होंने इस गांव में कई प्रमुख रेस्टोरेंट्स और शॉप्स की इंटीरियर डिजाइनिंग की. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यह गांव किसी समय स्मारकों के लिए प्रसिद्ध था लेकिन बाद में यहां क्लब्स, रेस्टोरेंट्स और आर्ट गैलरीज की बढ़ती लोकप्रियता के साथ युवाओं की पहली पसंद बन गया है.

यह भी पढ़े -  दिल्ली में सेफ्टी ऑडिट शुरू, नियम तोड़ने वाली इमारतों पर लटकी सीलिंग की तलवार; जवाब न देने पर होगी कार्रवाई

वर्तमान में इस गांव में आपको 50 के करीब Clubs और लांच पार्टियों के स्थल देखने को मिलेंगे. यूरोपियन कल्चर की गहमागहमी इस गांव में आज प्रमुख स्थान ले चुकी है. आधुनिकता के साथ आज इस गांव की तस्वीर बिल्कुल अलग ही दिखाई दे रही है.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.