चंडीगढ़ | हरियाणा के स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी बनी हुई है. इसी को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (PHHC) ने चिंता व्यक्त की है. हरियाणा के स्कूलों में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT) और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT) के 27,878 पद खाली पड़े है. इस पर कोर्ट ने कहा कि इन पदों को तुरंत भरना आवश्यक है. कोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि वह 2 महीने में खाली पद भरने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा अदालत कों सौंपे.
सरकार ने दाखिल किया हलफनामा
सरकार की तरफ से शुक्रवार को हलफनामा दाखिल किया गया है. इसमें बताया गया कि प्रदेश में PGT के 11,341 और TGT के 16,537 पद खाली है. शिक्षा विभाग में टीजीटी के कुल 41,429 स्वीकृत पद हैं और छात्रों की संख्या के अनुसार 39,748 शिक्षक और चाहिए है. इसी प्रकार, पीजीटी के कुल 43,675 स्वीकृत पद हैं और छात्र संख्या के अनुसार पीजीटी के 37,737 की जरूरत है.
HKRN ने कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्त किए शिक्षक
हरियाणा माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार ने हलफनामे में कहा है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर कोई प्रभाव न पड़े इसलिए अनुबंध आधार पर टीजीटी के 7,651 और पीजीटी के 3,330 पद भरने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को मांग भेजी गई थी. एचकेआरएन ने 3,915 टीजीटी और 418 पीजीटी उम्मीदवारों को नियुक्ति दी है.
2 महीने में रिपोर्ट सौंपने का आदेश
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को भी भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए फिर से पत्र भेजा गया है. इसके लिए चयन प्रक्रिया जारी है. इसके अतिरिक्त 8240 कक्षाओं में से 415 बन चुकी है तथा 879 का निर्माण कार्य चल रहा है. यह निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा. इसपर कोर्ट की तरफ से आर्डर दिया गया है कि 2 महीने में रिपोर्ट सौंपी जाए. ऐसे में अदालत चाहती है कि जल्द से जल्द इन खाली पदों को भर जाए और शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाए.
