नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक और इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) बनाने की कवायद शुरू हो गई है. दिल्ली सरकार (Delhi Govt) इस बस टर्मिनल को टिकरी बार्डर के आसपास बनाने की योजना बना रही है. इसके लिए जमीन चिह्नित करने का काम किया जा रहा है. यदि टिकरी बार्डर पर नया बस टर्मिनल बनता है तो हरियाणा और पंजाब से आने वाली बसों को कश्मीरी गेट ISBT जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बता दें कि टिकरी बार्डर से कश्मीरी गेट आईएसबीटी की दूरी 40 किलोमीटर पड़ती है.
बार्डर पर बढ़ेगी परिवहन सुविधा
टिकरी बार्डर पर नया बस टर्मिनल बनने से जहां दिल्ली में ट्रैफिक दबाव कम होने से जाम से मुक्ति मिलेगी तो वहीं 40 किलोमीटर की दूरी घटने से कम समय में सफर तय हो सकेगा. इसके अलावा, टिकरी बार्डर और आसपास के इलाकों में परिवहन कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और यहां व्यवसायिक गतिविधियां तेज होगी. दिल्ली बार्डर के क्षेत्र में मेट्रो के अलावा बसों के रूप में परिवहन की सुविधा में इजाफा हो सकेगा.
मुंबई की तर्ज पर बनेगा टर्मिनल
Times Of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टिकरी बार्डर पर एक नया इंटर स्टेट बस टर्मिनल बनाने की योजना अभी आरंभिक स्तर पर है. शुरूआत में सरकार की योजना मुंबई में बने छोटे बस टर्मिनल्स की तरह ही यहां भी एक छोटा टर्मिनल बनाने की है, जिसकी क्षमता 6 बसों की होगी. बाद में इसे धीरे- धीरे बढ़ाया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि टिकरी बॉर्डर पर बस टर्मिनल बनाने को लेकर एक जगह को चिन्ह्ति भी किया गया है.
प्रदुषण बढ़ने पर आएगा काम
टिकरी बार्डर पर यदि नया ISBT बनता है तो सर्दियों में नई दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने पर लगने वाले यातायात प्रतिबंधों से निपटने में भी काम आएगा. दूसरे राज्यों से आने वाली बसों का ठहराव इसी बस टर्मिनल पर कर दिया जाएगा. इससे जहां प्रदुषण को कम करने में मदद मिलेगी तो वहीं, बसों को रद्द करने की नौबत भी नहीं आएगी और यात्रियों को असुविधा से बचाया जा सकेगा.
