अपराध की श्रेणी से बाहर होंगी छोटी-छोटी गलतियां, मुकदमेबाजी से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली | उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग यानी डीपीआईआईटी व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की योजना बना रहा है. इसके लिए वह विभिन्न विभागों के लगभग 100 नियमों और कानूनों पर काम कर रहा है.

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DPIIT ने शनिवार को कहा, यह कवायद जन विश्वास बिल के तहत दूसरे चरण का हिस्सा है. जन विश्वास अधिनियम ने 19 मंत्रालयों या विभागों में पिछले साल 183 आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर दिया था. जन विश्वास विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त संसदीय समिति ने नियामक ढांचे के निरंतर आधुनिकीकरण को सुनिश्चित करते हुए इस अभ्यास को आगे के अधिनियमों तक बढ़ाने की सिफारिश की है. DPIIT कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के लिए जन विश्वास 2.0 बिल लाने की तैयारी कर रहा है.

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मुकदमेबाजी से मिलेगा छुटकारा

हाल में विवाद से विश्वास योजना 2.0 को अधिसूचित किया गया था. इसका उद्देश्य आयकर से जुड़े विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना है. इसके तहत करदाताओं को लंबित आयकर मामलों को निपटाने का एक मौका दिया जाता है, ताकि वे कानूनी लड़ाई व जुर्माने से बच सकें.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.