HKRN के तहत चयनित उम्मीदवारों को नहीं मिलेंगे सामाजिक आर्थिक मानदंड के अंक, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

चंडीगढ़ | हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत, कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नौकरी दी जाती है. प्रदेश के लगभग 1 लाख युवा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नौकरी कर रहे हैं. निगम की तरफ से समय- समय पर विभिन्न भर्तियां निकाली जाती है और उम्मीदवारों को नियुक्त किया जाता है.

Haryana Kausal Rojgar Nigam HKRN

नहीं मिलेंगे सामाजिक- आर्थिक मानदंड के अंक

हरियाणा कौशल रोजगार निग्म के माध्यम से चयनित होने वाले उम्मीदवारों को सामाजिक- आर्थिक मानदंड के अंक नहीं मिलेंगे. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इन अंकों पर रोक लगा दी है. इसके अलावा, हाईकोर्ट ने एक्सपीरियंस के आधार पर मिलने वाले अंकों पर भी रोक लगा दी है. ऐसे में अब कौशल रोजगार निगम की पॉलिसी बदलेगी. जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ की तरफ से 21 नवंबर 2024 को खालिद हुसैन बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य मामले में अंतरिम आदेश में रोक लगाई है.

30 जनवरी 2025 तक सुनवाई स्थगित

इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से सार्थक गुप्ता और हरियाणा सरकार की ओर से सीनियर डीएजी श्रुति जैन गोयल ने दलीलें पेश की थी. अंतरिम आदेश में लिखा गया है, ‘प्रतिवादियों की तरफ से उपस्थित वकील ने लिखित बयान दाखिल करने के लिए समय देने का प्रार्थना की है और उन्हें समय प्रदान किया गया. सुनवाई 30.01.2025 तक स्थगित की जाती है.

अदालत के सीडब्ल्यूपी संख्या 1563/ 2024 – सुकृति मलिक बनाम हरियाणा राज्य और अन्य में दिनांक 31.05.2024 के डिवीजन बेंच के निर्णय के आलोक में, ‘सामाजिक- आर्थिक मानदंड’ के तहत अंक देना भारतीय संविधान के खिलाफ माना गया है, जिस फैसले के खिलाफ एसएलपी भी खारिज हो चुकी है. यह निर्देश दिया जाता है कि संविदा व्यक्तियों की तैनाती नीति 2022 (डिप्लायमेंट ऑफ कांट्रैक्चुअल पसंस पॉलिसी, 2022) के तहत नियुक्तियां करते समय, राज्य ‘सामाजिक- आर्थिक मानदंड’ के तहत कोई वेटेज प्रदान नहीं किया जाएगा.

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अनुभव के लिए भी नहीं मिलेंगे अंक

डिप्लायमेंट ऑफ कांट्रैक्चुअल पर्सेस पॉलिसी के तहत, नियुक्तियां करते समय राज्य द्वारा अनुभव के लिए कोई अंक नहीं दिए जाएंगे. इस शीर्ष के तहत अंक सिर्फ उन उम्मीदवारों को दिए जाने हैं, जिनका संबंधित अनुभव हरियाणा सरकार के नियंत्रण में किसी विभाग/ चोर्ड/ विश्वविद्यालय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/ मिशन/ प्राधिकरण आदि में है.

यें मानदंड मनमाना पाया जाता है क्योंकि इसने उन संस्थानों में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त किये रियल एक्सपीरियंस को शामिल नहीं किया जाता है, जो हरियाणा सरकार के कंट्रोल में नहीं हैं. ‘हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को डिप्लायमेंट ऑफ कार्टक्चुअल पॉलिसी 2022 में बदलाव करने के लिए कहा है. ऐसे में इस पॉलिसी में कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.