नई दिल्ली | जो विद्यार्थी वर्तमान में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं उनके लिए आज हम एक जानकारी लेकर आए हैं. अब 12वीं की पढ़ाई करने के बाद स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन के लिए किसी भी संकाय में एडमिशन ले पाएंगे. यानी कि अब यह अनिवार्य नहीं होगा कि आर्ट्स, विज्ञान या कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा में संबंधित विषय से पढ़ाई की हो.
आने वाले शैक्षणिक सत्र में दिखेंगे बदलाव
छात्र सीयूईटी यूजी व संबंधित विश्वविद्यालय के एंट्रेंस टेस्ट में शामिल होकर उसकी मेरिट के आधार पर अपनी मनपसंद स्ट्रीम को सेलेक्ट कर पाएंगे. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की तरफ से उच्च शिक्षा में फ्लैक्सिबिलिटी लाने के उद्देश्य से यूजीसी रेगुलेशन 2024 लाया जा रहा है. इसके तहत, शैक्षणिक सत्र 2025- 26 से यूजी और पीजी प्रोग्राम में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
स्टूडेंट को मिलेगा बहुविषयक कोर्स की पढ़ाई का अवसर
यूजीसी अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 की सिफारिशों के अनुरूप तैयार यूजीसी रेगुलेशन- 2024 का लक्ष्य उच्च शिक्षा में जरूरी बदलाव लेकर आना है. इसमें विद्यार्थी को बहुविषयक कोर्स की पढ़ाई का मौका भी मिल सकेगा. अगर वे अपनी प्रतिभा साबित करते हैं, तो उन्हें कोई भी विषय या डिग्री चुनने का ऑप्शन दिया जाएगा. पढ़ाई के दौरान विषय, संस्थान व अध्ययन का तरीका बंदलने की भी सुविधा मुहैया करवाई जाएगी.
1 साल में दो बार ले पाएंगे ऐडमिशन
नए रेगुलेशन में सभी तरह के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को साल में दो बार दाखिला लेने, डिग्री प्रोगाम कभी भीछोड़ने या पढ़ाई (नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत किसी भी विषय में ) फिर से शुरू करने, कभी भी पढ़ाई का अवसर देने का प्रावधान है. पहुले सेशन में जुलाई- अगस्त और दूसरे सत्र में जनवरी- फरवरी में दाखिला लिया जा सकेगा.
