अंबाला | आपने वैष्णो ढाबे के नाम से कई ढाबे जरूर देखें और सुने होंगे, लेकिन हरियाणा के अंबाला जिले में एक ऐसा ढाबा है जिस ‘धरती वैष्णो ढाबे’ के नाम से जाना जाता है. 50 साल पुराने इस ढाबे पर बना खाना काफी लजीज तो होता ही है, साथ ही इसकी कीमत भी कुछ खास नहीं है.
धरती के अंदर लगा है तंदूर
विशेष बात ये है कि यहाँ जो तंदूर लगाया गया है वह धरती के अंदर लगाया गया है. रोजाना यहाँ से कई रोटियां बनाई जाती हैं. एक और बात जो इसे खास बनाती है, वह ये कि लोग घर से आटा लाकर यहाँ रोटियां बनवा कर ले जाते हैं. ढाबे में तंदूर जमीन में लगा हुआ है, जिस कारण इस धरती ढाबे के नाम से जाना जाता है. ढाबे के संचालक ने बताया कि शहर के पल्लेदार मोहल्ले में हम यह ढाबा काफी सालों से चला रहे हैं. शुरुआत उनकी बुआ जी ने की थी लेकिन अब वह इसे संभाल रहे हैं. लोग अपने घरों से आटा लाते हैं और रोटियां बना कर ले जाते हैं.
40 रूपए में मिलता है लजीज़ खाना
यहाँ आप ₹40 में चार रोटी और सब्जी खरीद कर खा सकते हैं. यहाँ बनने वाला खाना देसी तरीकों से बनता है, जिसमें बाजार से मिलने वाले मसालों का इस्तेमाल नहीं किया जाता. यह ढाबा रोज सुबह 10 बजे खुल जाता है और रात 10 बजे तक चलता है. दूर- दूर से लोग यहाँ खाना खाने के लिए आते हैं. यहाँ रोटी लेने के लिए आए व्यक्ति सतीश चंद्र ने बताया कि वह महेश नगर से रोटी खरीदने के लिए आए हैं. यहाँ बनने वाली रोटी काफी करारी होती है जो खाने में काफी टेस्टी लगती है.
